Bhilai Steel Plant: रायपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान कायम की है। PMGSY के चौथे चरण में प्रदेश में 774 सड़कों का निर्माण किया जाना है, जिसमें सर्वाधिक 87 सड़कों का निर्माण बस्तर जिले में होगा। वहीं, खास बात यह है कि सभी सड़कों के निर्माण लिए भिलाई स्टील प्लांट के आयरन स्लैग और स्वयं सहायता समूह से प्लास्टिक लिया जाएगा।
PMGSY द्वारा संचालित पीएम जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान) के अंतर्गत आदिवासी अंचल की बस्तियों को जोड़ा जाएगा। बस्तियों तक सड़क पहुंचाने का पैमाना जनसंख्या के आधार पर तय किया जाएगा। योजना के अनुसार, सामान्य जिलों में 500 से ज्यादा, आदिवासी जिलों में 250 से ज्यादा और नक्सल प्रभावित जिलों में 100 से ज्यादा जनसंख्या वाली बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा।

Bhilai Steel Plant: योजना के विभिन्न चरणों में छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 9,722 सड़कें (48,594 किमी) और 669 पुल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8,753 सड़कें (43,380 किमी) और 470 पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा राज्य में 780 बसाहटों को जोड़ने के लिए 744 का निर्माण किया जाना है।
यह पहली बार है जब इस चरण में पात्र संपर्क-विहीन बसावटों को ‘बारहमासी सड़क संपर्कता’ प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्वीकृति से छत्तीसगढ़ की दूरस्थ और वंचित बसावटों तक सर्व मौसम सड़क सुविधा पहुँचाने का मार्ग खुल गया है।
Bhilai Steel Plant: बारहमासी सड़क संपर्कता से इन बसावटों को बाज़ार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पोषण, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवागमन में व्यापक सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और जन-कल्याणकारी सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित होगी।
Bhilai Steel Plant: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने लगातार अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों, पीएमजीएसवाई टीम, इंजीनियरों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रयास निरन्तर जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की गति में तेजी आएगी।


