0 रीयल एस्टेट कारोबारी रविवार को बैठक में तय करेंगे रणनीति
रायपुर। जमीन की खरीद-बिक्री की गाइडलाइन दर में बढ़ोतरी की रीयल एस्टेट कारोबारियों ने खिलाफत शुरू कर दी है। इन्होने ऐलान किया है कि जब तक दरों में संशोधन नहीं होता है, वो रजिस्ट्री नहीं कराएंगे। इस सिलसिले में रविवार को बैठक भी रखी गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सात साल बाद जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी की है। शहरों में 20 से 40 फीसदी, और ग्रामीण इलाकों में 50 से 3 सौ फीसदी तक दरों में बढ़ोतरी की गई है। संपत्ति की नई गाइडलाइन दर जारी होने के बाद से रीयल एस्टेट कारोबारियों में नाराजगी है। कारोबारियों का मानना है कि इससे रियल एस्टेट का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित होगा। विशेषकर रायपुर और आसपास के इलाकों में गाइड लाइन दर 3 सौ फीसदी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि रायपुर और आसपास के इलाकों में बड़े प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं। हजारों करोड़ों का निवेश हो रहा है, लेकिन गाइडलाइन दरों में भारी वृद्धि से नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अब रीयल एस्टेट कारोबारी लामबंद हो रहे हैं, और इसके विरोध करने जा रहे हैं।
जानकारी मिली है कि रियल इस्टेट कारोबारियों की लगातार बैठक चल रही है। चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री से भी समर्थन मांगा गया है। एक-दो दिनों में बड़ी बैठक कर विरोध को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। फिलहाल कोई भी रजिस्ट्री नहीं कराने का फैसला लिया गया है।



