टीआरपी डेस्क। पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्सा लेने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पैरोल की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हिरासत में रहने से वे अपने संसदीय दायित्व पूरे नहीं कर पा रहे और इससे उनके निर्वाचन क्षेत्र की आवाज संसद तक नहीं पहुंच पा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में बताया कि वे अपने क्षेत्र की जनता के मुद्दों को संसद में उठाना चाहते हैं। उनका तर्क है कि लोकतंत्र की भावना इसी में है कि चुना हुआ प्रतिनिधि सदन में जाकर लोगों की समस्याएं रख सके, इसलिए शीतकालीन सत्र में शामिल होने की अनुमति जरूरी है।
अमृतपाल सिंह फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्होंने एनएसए की धारा 15 के तहत पैरोल मांगी है, जिसमें असाधारण परिस्थितियों में बंदी को अस्थायी रिहाई दी जा सकती है। यह रिहाई सरकार शर्तों के साथ या बिना शर्तों के दे सकती है और जरूरत पड़ने पर रद्द भी कर सकती है।
शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। मानसून सत्र काफी उथल-पुथल वाला रहा। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, वहीं एसआईआर मुद्दे पर भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। नतीजा यह हुआ कि लोकसभा के 120 तय घंटों में से केवल 37 घंटे ही काम हुआ, जबकि राज्यसभा में 41 घंटे 15 मिनट चर्चा हो सकी।


