टीआरपी। Action taken against hunters of wild animal Chital : वन्य प्राणी चीतल के अवैध शिकार से जुड़े प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पिछले कई दिनों से आरोपियों की तलाश की जा रही थी। 19 नवंबर 2025 को एक आरोपी तथा 22 नवंबर को दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने बताया कि वन्य प्राणी की रक्षा के लिए अनेक उपाय किए जा रहे हैं। शिकार करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।

फंदा और करंट न लगाने की अपील

वन मंडलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगल के समीप रहने वाले लोग अपने खेत अथवा घर के चारों ओर बिजली का करंट नहीं लगाएं। जानवरों को पकड़ने अथवा मारने के लिए किसी भी तरह का फंदा भी नहीं लगाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें, ताकि समय रहते अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके और वन्यजीवों की रक्षा हो सके।

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न्यायिक हिरासत में भेजा

गौरतलब है कि विगत 24 अगस्त 2025 को अर्जुनी परिक्षेत्र में चीतल के अवैध शिकार का प्रकरण दर्ज किया गया था। चार आरोपियों में से दो को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि दो आरोपी फरार थे। इन दोनों की तलाश अर्जुनी परिक्षेत्र की टीम लगातार कर रही थी। इसी अभियान के तहत गिरफ्तार आरोपियों में श्रीधर वल्द मंगल सिंह बरिसा और अनिल वल्द चमार सिंह बरिहा, निवासी अर्जुनी शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर जिला जेल बलौदाबाजार में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।