टीआरपी डेस्क। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नक्सलियों के समर्थन में नारेबाजी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से 6 आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जहां पुलिस ने अदालत के सामने घटना से जुड़ा वीडियो भी दिखाया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच आरोपियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। एक नाबालिग को सेफ हाउस भेजा गया।

बता दे कि रविवार को बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शनकारी कर्तव्य पथ पर वायु प्रदूषण के खिलाफ जमा हुए थे। इनमें अधिकतर छात्र थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। दिल्ली पुलिस का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें निशाना बनाकर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया। इसी बीच कुछ छात्रों के हाथों में माओवादी कमांडर मादवी हिडमा के पोस्टर भी थे और उसके समर्थन में नारे लगाए जा रहे थे।

हिडमा हाल ही में मुठभेड़ में मारा गया था। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो एफआईआर दर्ज की हैं-एक कर्तव्य पथ थाने में और दूसरी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में।

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कोर्ट में क्या हुआ ?

पुलिस ने आरोपियों की माओवादियों से कथित कड़ी जांचने के लिए तीन दिन की हिरासत मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। वकील अमित कुमार के अनुसार अदालत ने पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि एक नाबालिग को सुरक्षित गृह भेजा गया। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।