ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2025 का उद्घाटन मुख्य अतिथि एडवोकेट रिजू राज जमवाल, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया तथा मैनेजिंग पार्टनर, JRD & पार्टनर्स, नई दिल्ली, और विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अमीशन हुसैन एवं एडवोकेट दिव्यांश मिश्रा, संस्थापक, व्हाइट बैंड लीगल सर्विसेज तथा उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के विचारोत्तेजक संबोधनों के साथ हुआ। उन्होंने कानूनी उद्यमिता की अपनी उल्लेखनीय यात्रा साझा की और कानूनी सेवाओं के प्रदाय, पेशेवर नैतिकता तथा न्याय प्रणाली में नवाचार के बदलते परिदृश्य पर चर्चा की। उनके संबोधन ने उभरते कानून के छात्रों को प्रेरित किया कि वे आज के गतिशील कानूनी परिवेश में सफल होने के लिए शैक्षणिक कठोरता और व्यावहारिक कौशल- दोनों को अपनाएँ।

समारोह की बौद्धिक गहराई को और समृद्ध करते हुए, विशिष्ट अतिथि एडवोकेट रॉडनी डी. राइडर, फ़ाउंडिंग पार्टनर, स्क्रिबोर्ड, नई दिल्ली, ने कानून, तकनीक और नीति के संगम पर एक प्रभावशाली मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने साइबर लॉ, डिजिटल प्राइवेसी, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे उभरते क्षेत्रों को समझने की कानूनी पेशेवरों की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला, साथ ही तेजी से बदलते डिजिटल कानूनी पारिस्थितिकी तंत्र में पेशेवर अनुकूलनशीलता के महत्व को भी रेखांकित किया।

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यह दो-दिवसीय कार्यक्रम में चार तकनीकी सत्र शामिल थे, जिनमें प्रत्येक सत्र में 20 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे कानूनी, डिजिटल और मानवाधिकार क्षेत्रों में बौद्धिक संवाद को प्रोत्साहन मिला। एक प्रभावशाली पैनल चर्चा इसके बाद आयोजित की गई, जिसमें प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया: एडवोकेट अमीशन हुसैन, संस्थापक, व्हाइट बैंड लीगल सर्विसेज एवं उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता- ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर बुलिंग और लैंगिक आधारित दुरुपयोग पर बोले; डॉ. गगनदीप कौर, एसोसिएट प्रोफेसर, यूपीईएस देहरादून – डिजिटल ग्रूमिंग, शोषण और चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज़ मैटेरियल (CSAM) पर चर्चा की; डॉ. अमितेश देशमुख, असिस्टेंट प्रोफेसर, एचएनएलयू रायपुर – बिना सहमति के छवि साझा करना, डीपफेक पोर्नोग्राफी और यौन-आधारित डिजिटल हिंसा पर केंद्रित रहे; डॉ. मयंक श्रीवास्तव, असिस्टेंट प्रोफेसर, एचएनएलयू रायपुर- सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और टेक कंपनियों की जिम्मेदारी एवं जवाबदेही पर प्रकाश डाला; और डॉ. अनिन्ध्या तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर, एचएनएलयू रायपुर – महिलाओं और बच्चों को डिजिटल अधिकार जागरूकता एवं न्याय तक पहुँच के माध्यम से सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस समारोह ने ज्ञान, कानून, टेक्नोलॉजी और सामाजिक ज़िम्मेदारी के मेल का जश्न मनाते हुए एक सम्मानजनक माहौल बनाया।

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ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2025 कलिंगा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध-सशक्तिकरण और सामाजिक रूप से उत्तरदायी विधिक शिक्षा के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है।