टीआरपी। illegal drug storage : जांजगीर-चांपा जिले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत बिना वैध अनुज्ञप्ति के दवाओं के भंडारण एवं संचालन से संबंधित दो महत्त्वपूर्ण मामलों में माननीय विशेष न्यायालय द्वारा कठोर दंड सुनाए गए हैं।

पहले विशेष प्रकरण (औषधि) क्रमांक 01/2024 में आरोपी मनीष पूरन विश्वास (वार्ड 04, झरनीपारा, ग्राम तिलई) को अधिनियम की धारा 18(ए) सहपठित धारा 28 के उल्लंघन में दोषी पाते हुए 6 माह सश्रम कारावास एवं 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

दूसरे विशेष प्रकरण (औषधि) क्रमांक 05/2024 में आरोपी प्रणव दत्त पांडेय (निवासी बिलासपुर रोड, बलौदा) को धारा 18(ए), 18(सी) सहपठित धारा 28 तथा धारा 27(ठ)(प) के उल्लंघन में दोषी पाते हुए कुल 3 वर्ष एवं 6 माह सश्रम कारावास तथा 1,00,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति के दवाओं का भंडारण या बिक्री करना दंडनीय अपराध है। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और आमजन से अपील की गई है कि दवाइयाँ केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें।

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कोटपा अधिनियम का कड़ाई से पालन

कोटपा अधिनियम के प्रावधानों के सख्त अनुपालन हेतु महासमुंद, मनेन्द्रगढ़, भरतपुर, चिरमिरी और रायपुर जिले के औषधि निरीक्षकों द्वारा विगत सप्ताह धारा 4 एवं 6 के तहत विशेष कार्रवाई की गई।