कोरबा। ऊर्जाधानी कोरबा के बाल संप्रेक्षण गृह में व्याप्त अव्यवस्था का लाभ उठाते हुए एक बार फिर यहां से 3 बाल अपराधी फरार हो गए हैं। इसे देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज कोरबा दौरे के दौरान कोहड़िया स्थित बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान गृह में व्याप्त अव्यवस्था का खुलासा हुआ, साथ ही उन्हें यह भी पता चला कि किस तरह  लापरवाही के चलते संप्रेक्षण गृह से बच्चे फरार हो गए।

होम्स से भागने की क्या थी वजह..?

बाल आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने TRP NEWS से चर्चा के दौरान बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह से भागे 3 किशोरों में से 2 गंभीर अपराधों के आरोपी हैं, और उन्हें किसी ने डरा दिया था कि अब वे बाल संप्रेक्षण गृह से कभी बाहर नहीं आ सकेंगे, इस वजह से दोनों ने यहां से भागने की योजना पहले ही बना रखी थी। होम्स में रसोई घर से लगे वॉशरूम में वॉश बेसिन लगाने का काम चल रहा था। दोनों किशोरों ने अपने साथ तीसरे को शामिल कर लिया और तीनों कल 30 नवंबर को दोपहर बाद 3 बजे किचन के रास्ते से फरार हो गए।

तीसरे को परिजनों ने थाने पहुंचाया

बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षक दुर्गेश्वरी पांडेय ने TRP NEWS को बताया कि कल से फरार तीन बच्चों में से एक तोरवा बिलासपुर में अपने परिजनों के पास पहुंच गया था। चूंकि परिजनों को इनके भागने की सूचना दी जा चुकी थी, इसलिए परिजनों ने बालक को समझाया और उसे लेकर तोरवा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अब यह बालक वापस होम्स में आ चुका है और बाकी 2 की तलाश की जा रही है।

See also  विश्व आदिवासी दिवस के एक दिन पहले सियासी दिग्गजों में तकरार.. एक ने किए सवाल तो दूजे ने कहा मत चलाओ अपनी दुकान

संप्रेक्षण गृह में मिली भारी अव्यवस्था

कोरबा के बाल संप्रेक्षण गृह से 3 किशोरों के फरार होने की सूचना देर शाम बाल आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा को मिल चुकी थी, इसलिए उन्होंने कोरबा प्रवास पर आईं विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को भी साथ लिया और सुबह सबेरे संप्रेक्षण गृह पहुंच गईं। इनके साथ कलेक्टर अजीत वसंत, विभाग के कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज समेत अन्य अफसर भी मौजूद रहे। इस दौरान यहां काफी अव्यवस्था देखने को मिली।

भोजन की गुणवत्ता और चारों तरफ पसरी गंदगी

वर्णिका शर्मा ने बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह में सफाई का अभाव मिला, वहीं भोजन की गुणवत्ता भी संतोषप्रद नहीं थी। यहां मंत्री राजवाड़े और अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने होम्स में निरुद्ध सभी किशोरों से अलग अलग बातचीत की। किशोरों ने बताया कि उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिलता और भोजन की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं होती। मंत्री और बाल आयोग अध्यक्ष ने किचन का अवलोकन भी किया। इस दौरान उन्होंने भोजन बनाने में इस्तेमाल सामग्रियों की गुणवत्ता भी परखी।

नए भवन में व्याप्त खामियों को किया जा रहा दुरुस्त

कोरबा जिले के बाल सर्वेक्षण गृह की सुरक्षा में व्याप्त खामियां एक बार फिर उजागर हुई है। यहां से अब तक सुरक्षा के अभाव में कई बच्चे फरार हो चुके हैं। वर्णिका शर्मा ने बताया कि संप्रेक्षण गृह अब अपने खुद के भवन में संचालित है और यहां व्याप्त खामियों को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया है, इस पर 3 से 4 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

See also  राज्य वीरता पुरस्कार के लिए निर्णायक मंडल की बैठक ली मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने

अधीक्षक और स्टाफ की लापरवाही उजागर

कोरबा–दर्री मार्ग पर स्थित कोहड़िया बस्ती के पास नए सरकारी भवन में जब से बाल संप्रेक्षण गृह स्थानांतरित हुआ है, तब से यहां अनेक घटनाएं घट चुकी हैं। यहां इसके शुरू होने के दूसरे दिन ही 4 किशोर रोशनदान तोड़कर भाग गए थे। इसके बाद यहां के रसोईघर में चल रहे निर्माण कार्य और कर्मचारी की लापरवाही का फायदा उठाते हुए यहां से तीन किशोर भाग खड़े हुए। अधीक्षक दुर्गेश्वरी ने बताया कि पूर्व में यहां से भागे 4 किशोरों में से 2 वापस लाए जा चुके हैं जबकि 2 अब भी फरार हैं। इस बार भी फरार 2 किशोरों का पता नहीं चल सका है।

हाउस फादर को किया गया बर्खास्त

बताते चलें कि कुछ माह पूर्व ही बाल संप्रेक्षण गृह का एक वीडियो वायरल हुआ था। बच्चों के इस वीडियो को बकायदा रील बनाकर डाला गया था, जबकि इस तरह के होम्स में कैमरा प्रतिबंधित होता है। इस मामले की जांच में यहां संविदा पर नियुक्त हाउस फादर सविता बैरागी की लापरवाही सामने आई थी। पता चला है कि उन्हीं के मोबाईल से बच्चों का वीडियो शूट किया गया था। महिला एवं बाल विकास विभाग, कोरबा के नये कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज ने TRP NEWS को बताया कि सविता बैरागी को विभाग द्वारा बर्खास्त कर दिया गया है।

See also  बाल संप्रेक्षण गृह से दो किशोर हुए फरार, दो दिन पहले ही नये भवन में किया गया था शिफ्ट

इसके अलावा विभाग के एक अन्य अधिकारी द्वारा संप्रेक्षण गृह के रसोई घर में शराब की बोतलें मिलने की रिपोर्ट दिए जाने के सवाल पर मिंज ने कहा कि वे इस मामले को दिखवा लेते हैं, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। यह बात इसलिए भी गंभीर है क्योंकि संप्रेक्षण गृह में तैनात रसोइया और अन्य स्टाफ के अक्सर नशे में ड्यूटी करने की शिकायतें बाहर आती रही हैं, और इसकी जानकारी होने के बावजूद अफसर बदनामी के डर से कोई भी कार्यवाही करने से बच रहे हैं।

बता दें कि बाल आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा के पिछले 11 मई के दौरे पर दिए गए अल्टीमेटम के बाद ही संप्रेक्षण गृह का भवन बदला गया था। हालांकि व्यवस्था में अब भी पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि आज के दौरे में जिस तरह की अव्यवस्था मिली हैं, उसे लेकर वे विभाग को अलग से दिशा–निर्देश जारी करेंगी।

बहरहाल संप्रेक्षण गृह से फरार बच्चों की तलाश की जा रही है और अफसर यहां व्याप्त खामियों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।