सूरजपुर। जिले के रामानुजनगर ब्लॉक स्थित आत्मानंद स्कूल भुवनेश्वरपुर में बिना अनुमति बच्चों को पिकनिक ले जाने की खबर पर DEO और BEO ने अचानक निरीक्षण कर कड़ी नाराजगी जाहिर की। मामला गंभीर होने के चलते स्कूल के प्राचार्य को तत्काल हटाकर नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है।

दर्जन भर बच्चों को ले गए पिकनिक

बताया जाता है कि स्कूल के शिक्षकों ने छुट्टी के समय और शैक्षणिक कार्यों को प्रभावित करते हुए करीब दर्जनभर बच्चों को पिकनिक पर ले जाने की योजना बनाई और उन्हें स्कूल से बाहर ले गए। न तो इस संबंध में विभाग को सूचित किया गया और न ही इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी। मामला सामने आने के बाद अभिभावक भी नाराज हैं, क्योंकि इस दौरान बच्चों की सुरक्षा की चिंता नहीं की गई।

निरीक्षण के बाद की गई कार्रवाई

DEO अजय मिश्रा को सूचना मिली थी कि आत्मानंद स्कूल में शिक्षक बच्चों को पिकनिक पर ले गए हैं। जिसके बाद वे BEO के साथ तुरंत स्कूल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान DEO ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल स्टाफ से कड़ी पूछताछ की और कहा कि पढ़ाई में लापरवाही और बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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DEO ने संबंधित शिक्षकों से स्पष्ट जवाब-तलब किया है और घटना के पूरे विवरण के साथ रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्राचार्य को ठहराया जिम्मेदार, तत्काल हटाए गए

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। वर्तमान प्राचार्य को पद से हटाकर मूल पदस्थापना पर वापस भेज दिया गया है, जबकि नए प्राचार्य को स्कूल का कार्यभार सौंप दिया गया है। विभाग का मानना है कि जब स्कूल परिसर में इस प्रकार की गतिविधियाँ हो रही थीं, तब प्राचार्य की जिम्मेदारी थी कि वे इसकी जानकारी रखें और उचित अनुमति प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

अभिभावकों ने भी जताया गुस्सा

इस वाकए के बाद कई अभिभावकों में भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजा जाता है, न कि बिना सूचना के बाहर ले जाने के लिए। अगर किसी बच्चे के पिकनिक के दौरान कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

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डीईओ ने जारी किया दिशा निर्देश

DEO ने इस मामले में कार्यवाही करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। विभाग ने सभी स्कूलों को इस तरह का निर्देश जारी किया है —

  • किसी भी बाहरी गतिविधि या शैक्षणिक भ्रमण के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है
  • बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
  • स्कूल प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि अभिभावकों को भी इसकी जानकारी दी जाए