टीआरपी डेस्क। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम बदलकर सेवा तीर्थ करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव पीएमओ की कार्यशैली को जनसेवा से जोड़ने और इसे जनता के और करीब लाने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम सत्ता से सेवा की दिशा में बढ़ते बदलाव का प्रतीक है।

नए नामों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। देशभर के राज्य भवन अब लोक भवन कहलाएंगे, जबकि केंद्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य पथ किया गया है। सरकार का कहना है कि ये परिवर्तन केवल प्रशासनिक नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों से जुड़ी सांस्कृतिक पहचान को नए रूप में स्थापित करने की कोशिश है।

इससे पहले राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ और प्रधानमंत्री आवास का नाम लोक कल्याण मार्ग रखा जा चुका है। सरकार का मानना है कि ऐसे बदलाव संस्थाओं को नए उद्देश्य और नई दिशा देने का काम करते हैं।

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