टीआरपी डेस्क। तूफान दितवाह के कमजोर पड़ने और आसमान साफ होने के बाद प्रदेश में ठंड एक बार फिर बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में देर सुबह तक कोहरा छाने की संभावना जताई गई है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में और न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। मौसम में तेजी से आ रहे बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने बताया कि अचानक गिरते तापमान से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को बिना आवश्यकता घर से बाहर निकलने से बचने और निकलें तो गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

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नवंबर महीने के मौसम रिकॉर्ड भी इस अवधि की अस्थिरता को दर्शाते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं 22 नवंबर 1883 को न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो नवंबर की अब तक की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

बारिश के आंकड़े भी दिलचस्प रहे हैं। नवंबर 1924 में 138.2 मिमी वर्षा के साथ सर्वाधिक मासिक वर्षा का रिकॉर्ड बना था। इसके अलावा 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे के भीतर 70.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो इस महीने के लिए अब तक की सबसे अधिक एकदिवसीय वर्षा है।