टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ऋचा शर्मा 1994 बैच की प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। उनका जन्म 26 मार्च 1969 को दिल्ली में हुआ। मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली ऋचा शर्मा का पारिवारिक संबंध छत्तीसगढ़ से है। वे जांजगीर जिले के अकलतरा के प्रतिष्ठित दीवान परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता वीरेंद्र शर्मा रायपुर में जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे।
ऋचा शर्मा की स्कूली और उच्च शिक्षा छत्तीसगढ़ में ही पूरी हुई। उन्होंने बीए ऑनर्स से स्नातक करने के बाद एमए की डिग्री हासिल की। इसके अतिरिक्त उन्होंने पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया। जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और सफलता हासिल की। तब से लेकर अब तक ऋचा शर्मा कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुकी है। इतना ही नहीं, वे छत्तीसगढ़ प्रशासन में एक अनुभवी और दक्ष अधिकारी के रूप में पहचानी जाती हैं।
छत्तीसगढ़ कैडर की ऋचा शर्मा 1994 बैच की आईएएस अधिकारी है। ऋचा शर्मा को आत्मनिर्भर और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के तौर पर जाना जाता है। 1994 बैच की अधिकारी केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बाद हाल ही में अपने मूल कैडर छत्तीसगढ़ लौटी हैं। उनक सिविल सर्विस की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
ऋचा शर्मा का जन्म 26 मार्च 1969 को दिल्ली में हुआ था। हालांकि, वे खुद को छत्तीसगढ़ की भूमि से ही जुड़ा मानती है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी ऋचा ने बचपन से ही शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने अपनी स्नातक की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही वे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी में जुट गईं। कठोर परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने 1993 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और 1994 बैच में आईएएस अधिकारी के रूप में चयनित हुईं।
प्रशासनिक करियर की शुरुआत
ऋचा शर्मा छत्तीसगढ़ (तत्कालीन मध्य प्रदेश का हिस्सा) में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के तौर पर पदस्थ रही। साल 2000 में वे जिला कलेक्टर के रूप में कई जिलों में कार्यरत रहीं, जहां उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर फोकस किया। विशेष रूप से, छत्तीसगढ़ के आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में उनके प्रयासों ने स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में योगदान दिया। 2010 तक वे राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों जैसे शिक्षा, महिला एवं बाल विकास में सचिव के पद पर रहीं। उनकी कार्यशैली हमेशा जन-केंद्रित रही।
केंद्र सरकार में योगदान
2015 में ऋचा शर्मा केंद्र सरकार में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (सेंट्रल डेपुटेशन) पर गईं। यहां उन्होंने उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। 2023 में उन्हें खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया। इस पद पर उन्होंने खाद्यान्न वितरण प्रणाली को मजबूत करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता बढ़ाने और कोविड-19 महामारी के दौरान राशन वितरण सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
उनके नेतृत्व में मंत्रालय ने डिजिटल तकनीक का उपयोग कर लाभार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी की और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया। 2024 में केंद्र से छत्तीसगढ़ कैडर में वापसी के बाद उन्हें राज्य के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व सौंपा गया। यह नियुक्ति उनके अनुभव को राज्य स्तर पर लागू करने का अवसर प्रदान करती है।
उपलब्धियां और सामाजिक योगदान
ऋचा शर्मा की उपलब्धियां केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर कई परियोजनाएं शुरू कीं। अस्थित्व फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ उनका जुड़ाव उल्लेखनीय है।


