रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 14 से 17 दिसंबर तक प्रस्तावित है। इससे पहले आज (शुक्रवार) कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक राजीव भवन में आयोजित हुई। बैठक में आगामी सत्र की रणनीति तय करते हुए कांग्रेस ने सत्र के पहले दिन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का बड़ा फैसला लिया है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बताया कि विपक्ष 2047 के विजन दस्तावेज़ के विरोध में यह कदम उठा रहा है। उनके अनुसार, विजन 2047 में छत्तीसगढ़ की मूल पहचान, संस्कृति और जरूरतों को जगह नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि यह विजन उद्यमी हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जबकि इसमें “छत्तीसगढ़ की माटी और बासी की खुशबू” दिखाई नहीं देती। महंत ने इसे देश का “अमृतकाल नहीं, बल्कि भ्रमितकाल” बताया।

बता दे कि सत्र के दौरान कुल चार बैठकें प्रस्तावित हैं। विधानसभा सचिवालय के अनुसार अब तक 628 प्रश्नों की सूचना प्राप्त हुई है, जिनमें 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। लगभग 99 फीसदी प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से मिले हैं। इसके अलावा 48 ध्यानाकर्षण सूचनाएँ, एक लोक महत्व के विषय पर चर्चा, नौ अशासकीय संकल्प, चार शून्यकाल और 77 याचिकाएँ भी सत्र के एजेंडे में शामिल होंगी।

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16 दिसंबर को अनुपूरक बजट मांगों पर चर्चा होगी। साथ ही छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनिमय संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित किए जाने की संभावना है। विभिन्न विभागों के प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।