नई दिल्ली। Union Cabinet Meeting : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार (12 दिसंबर) को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में 2027 की जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी गई है। यह देश की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें करीब 30 लाख कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जनगणना के अलावा कोयला सेक्टर और किसानों के कल्याण से जुड़े दो अहम फैसले भी लिए गए हैं।

जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में घरों की लिस्टिंग और हाउसहोल्ड डाटा तैयार किया जाएगा, जो सितंबर 2026 तक समाप्त होगा। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की गणना की जाएगी। मंत्री ने कहा कि डिजिटल जनगणना प्रणाली को डेटा संरक्षण के उच्च मानकों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।

लिए गए ये फैसलें

केंद्रीय कैबिनेट ने कोल लिंकेज पॉलिसी में बड़े सुधार करते हुए ‘CoalSETU’ विंडो को मंज़ूरी दी है। इसके तहत अब कोई भी घरेलू खरीदार कोल लिंकेज की नीलामी में भाग ले सकेगा। कोल लिंकेज प्राप्त कंपनियों को अपनी कुल आवंटित मात्रा में से 50% तक कोयला निर्यात करने की अनुमति भी दी गई है। बाज़ार में किसी भी तरह की हेराफेरी रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ट्रेडर्स को नीलामी में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।

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इसके साथ ही, चीन ने भारत के प्रोफेशनल्स और वर्कर्स के लिए वीज़ा प्रक्रिया सरल बनाने के भारत के कदम को सकारात्मक बताया है और कहा है कि उन्होंने इस पहल पर ध्यान दिया है। वहीं, कैबिनेट ने 2026 सीज़न के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को भी मंज़ूरी दे दी है। मिलिंग कोपरा के MSP में 445 रुपए प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा में 400 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे कोपरा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।