टीआरपी डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होने जगदलपुर पहुंचे। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और बस्तर के भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संकल्प लिया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा कर दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नवंबर 2026 में जब वे आएंगे, तब पूरा भारत नक्सल मुक्त होगा।
उन्होंने कहा कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा को 2030 तक देश के विशिष्ट जिलों के रूप में विकसित किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित संभाग बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। वन उपज के प्रसंस्करण के लिए नई यूनिटें लगेंगी और नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
अमित शाह ने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के साथ जुड़ें और सम्मानजनक जीवन जिएं। उन्होंने कहा कि बस्तर अब डर का नहीं, बल्कि विकास और आत्मविश्वास का प्रतीक बन रहा है। आने वाले समय में बस्तर के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेंगे। खेलो इंडिया ट्राइबल के लिए छत्तीसगढ़ को चुना जाना बस्तर की बदलती तस्वीर का प्रमाण है।
इससे पहले अमित शाह ने सुबह एक निजी रिसोर्ट में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर नक्सल उन्मूलन सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद वे हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां करीब 10 मिनट तक दर्शन किए। इसके बाद वे सीधे बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह के लिए जगदलपुर रवाना हुए।



