जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड के मिडिल स्कूल चौराभांठा में कल मध्यान्ह भोजन के दौरान खीर-पूड़ी खाने के बाद दर्जन भर से अधिक बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए थे। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों के पेट में तेज दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

हालात की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के शिक्षकों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी और सभी प्रभावित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उपचार किया गया। फिलहाल बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने क्या बताया..?

जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने बताया कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन का संचालन राहुल महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था। दिनांक 13 दिसम्बर 2025 को विद्यालय में दर्ज 75 विद्यार्थियों में से 52 विद्यार्थी उपस्थित थे। उक्त दिवस खीर-पूड़ी का वितरण किया गया, जिसे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा ग्रहण किया गया। भोजन के बाद कुछ विद्यार्थियों द्वारा पेट दर्द एवं गले में खराश की शिकायत की गई।सूचना मिलते ही शिक्षकों द्वारा तत्काल शैक्षिक समन्वयक एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ को अवगत कराया गया। इसके पश्चात विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तरुण साहू एवं शैक्षिक समन्वयक संजय राठौर द्वारा विद्यालय पहुंचकर 108 एम्बुलेंस की सहायता से प्रभावित विद्यार्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ में भर्ती कराया गया।

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प्रारंभिक जांच के बाद समूह को हटाया

कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ए.के. सिन्हा, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) जांजगीर सुब्रत प्रधान, थाना प्रभारी एवं खाद्य निरीक्षक द्वारा विद्यालय एवं मध्यान्ह भोजन स्थल का निरीक्षण कर बच्चों के स्वास्थ्य की समीक्षा की गई। साथ ही खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई। एसडीएम जांजगीर द्वारा आदेश जारी कर राहुल महिला स्व-सहायता समूह चौराभांठा को मध्यान्ह भोजन संचालन कार्य से पृथक कर दिया गया है। वहीं संबंधित प्रधान पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

भोजन की गुणवत्ता पर उठा सवाल

जांजगीर जिले में हुई इस घटना के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं, वहीं भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।