राजनांदगांव। खैरागढ़ जिले के वन ग्राम बनबोड़ के जंगल में एक हिंसक मादा तेन्दुआ की करंट से शिकार करने के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। खैरागढ़ वनमंडल क्षेत्र में मादा तेन्दुआ की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
अंधविश्वास के फेर में किया शिकार
आरोपियों ने अंधविश्वास और लालच में तेन्दुआ का शिकार किया और उसके अंगों को काटकर ले गए थे। इस अपराध का खुलासा वन विभाग ने महज 24 घंटे के भीतर करते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि तंत्र-मंत्र और जादू-टोना के चक्कर में ग्राम दैहान के ग्रामीणों ने मिलकर मादा तेन्दुआ का शिकार किया था। आरोपियों की निशानदेही पर वन विभाग की टीम ने मृत तेन्दुआ के काटे गए पंजे और दांत आदि बरामद कर लिए हैं।
इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। वहीं घटनास्थल को सुरक्षा बलों के साथ सील कर दिया था। गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वाड को भी जांच में शामिल किया गया था। और आसपास के गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। वन विभाग द्वारा वन्य जीव संरक्षण नियमों के तहत तेन्दुआ का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। तेन्दुआ के चारो पैरों के नाखून गायब थे और उसका जबड़ा भी शव के पास नहीं मिला। घटनास्थल के आसपास खून के धब्बे पाए गए। जिससे आशंका जताई गई कि तेन्दुआ की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को यहां लाकर फेंका गया।
घायल तेंदुए को पीट–पीट कर मारा
वन विभाग की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जंगल में अवैध रूप से बिजली के तार बिछाकर वन्य प्राणियों का शिकार करने के लिए जाल लगाया था। यह जाल किसी अन्य जानवर के लिए था, लेकिन उसमें एक मादा तेन्दुआ फंस गया। करंट लगने से गंभीर रूप से घायल तेन्दुआ को आरोपियों ने मरने के लिए छोड़ने के बजाय लाठी-डंडों से लगातार प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया और तेन्दुआ के चारों पंजे और दांत को काटकर अपने साथ ले गए, शव को जंगल में ही छोडक़र फरार हो गए। सघन पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पूरे गिरोह की पहचान कर ली गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही विभाग ने शिकार का सामान और मादा तेन्दुआ का अंग जब्त किया। गिरफ्तार आरोपियों में वन विभाग ने खैरागढ़ ब्लॉक के दैहान निवासी डोमन लाल वर्मा, चंदू राम वर्मा, हेमचंद वर्मा, दीपक यादव, फिरोज निषाद, कचरू यादव व भागवती वर्मा को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपियों की निशानदेही पर बिजली के तार, लाठी-डंडे, धारदार हथियार तेन्दुआ के काटे गए पंजे और दांत बरामद किए गए। वन विभाग ने नियमानुसार मादा तेन्दुआ का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार भी किया। मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
बायसन को भी करंट से मारा
उधर कवर्धा वनमंडल में वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से बायसन (गौर) मृत्यु प्रकरण का खुलासा हुआ। वन विभाग की टीम ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया है।
कवर्धा वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र कवर्धा के बंजारी वृत्त स्थित धवईपानी परिसर के कक्ष क्रमांक आर.एफ.-47, ग्राम जामपानी में दो बायसन (गौर) मृत अवस्था में पाए जाने की सूचना मिलने पर वन विभाग द्वारा जांच प्रारंभ की गई।
जांच के दौरान डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया। विभाग के अनुसार डॉग स्क्वाड की निशानदेही पर घटनास्थल से खूंटी सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। जिला पशु चिकित्सा विभाग की टीम तथा रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मृत बायसन के अंगों से फॉरेंसिक जांच हेतु नमूने एकत्र किए गए।
परिसर रक्षक को किया गया निलंबित
इस मामले में विभागीय दायित्वों की समीक्षा के बाद मुख्य वन संरक्षक, दुर्ग वृत्त, दुर्ग द्वारा परिक्षेत्र सहायक बंजारी ललित यादव तथा वनमंडलाधिकारी कवर्धा द्वारा परिसर रक्षक अनिल राजपूत को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है।
डॉग स्क्वाड की निशानदेही के आधार पर की गई आगे की कार्रवाई में एक संदिग्ध के घर से जी.आई. तार, भुना हुआ मांस, सुअर का दांत, मोर का पैर सहित अन्य सामग्री जप्त किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद कुंवर सिंह बैगा और दशरू बैगा को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

वन विभाग के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि छोटे वन्यप्राणियों के शिकार के लिए तार बिछाकर विद्युत प्रवाहित की गई थी, जिसकी चपेट में बायसन आ गया। विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।



