टीआरपी डेस्क। संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को अंतिम दिन है। सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर से हुई थी। इस दौरान वंदे मातरम तथा चुनाव सुधारों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे राज्यसभा से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल-2025 ध्वनिमत से पारित हो गया। विपक्षी सांसदों ने बिल पर जमकर हंगामा किया और पारित होने से पूर्व सदन से वॉकआउट कर गए।

विपक्ष की मांग थी कि बिल को प्रवर समिति को भेजा जाए। हालांकि विपक्ष की अनुपस्थिति में बिल पारित कर दिया गया।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद बिल के विरोध में संसद परिसर में रातभर धरने पर बैठे रहे। उनका कहना है कि यह बिल महात्मा गांधी का अपमान है तथा किसानों एवं गरीबों के खिलाफ है।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि वे विपक्ष से सार्थक बहस की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन केवल निराधार आरोप लगाए गए।

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जनता सड़कों पर गोली खाएगी, लेकिन इस बिल को कभी स्वीकार नहीं करेगी। इससे पहले भी यह बिल लोकसभा से 14 घंटे की चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित हुआ था।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी सरकार अपनी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेगी।