टीआरपी डेस्क। अच्छी सेहत के लिए हम चना, गुड़ और अंडे को अपने डेली रुटीन में शामिल करते हैं। क्योंकि, ये हेल्दी होते हैं, और इनमें बड़ी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। जिसे हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है। सर्दियों में गुड़ खाने की सलाह अक्सर घर के बड़े बुजुर्ग देते हैं। क्योंकि, खाने के बाद गुड़ खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सर्दी, जुकाम जल्दी नहीं होता है। वहीं, चने के साथ गुड़ खाने को काफी फायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर में ब्लड बढ़ता है। वजन को कंट्रोल करने के लिए भी चना काफी लाभदायक है। अंडे में भी प्रोटीन काफी मात्रा में पाई जाती है। बड़ी से बड़ी बीमारी में अक्सर विशेषज्ञ अंडा खाने की सलाह देते हैं। लेकिन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की रिपोर्ट सामने आने के बाद चना, गुड़ और अंडा पर अब संशय बरकरार हो गया है। इसलिए कि, केंद्र सरकार ने इसे लोगों के हेल्थ के लिए नुकसानदायक बताया है। केंद्र सरकार ने सतर्कता बरतते हुए राज्यों को सैंपलिंग और जांच के निर्देश जारी किए हैं।

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रसायनों की मिलावट

हेल्दी माने जाने वाले चना, गुड़ और अंडे में खतरनाक रसायनों के मिलवाट की जानकारी मिली है। जिससे नागरिकों में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा हम नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की रिपोर्ट का कहना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों खाद्य पदार्थों में जहरीले रसायन का उपयोग किया जा रहा है। कैंसर के साथ-साथ अन्य बिमारियों का खतरा बढ़ गया है।

मिलावट की शिकायतें आई सामने

कुछ महीनों से भुने चने में ऑरामाइन ओ के मिलावट की शिकायतें सामने आ रही है। ये जहरीला औद्योगिक रसायन हैं। इस रसायन का उपयोग कपड़ा और चमड़े को चमकाने के लिए किया जाता है। जो कि खाद्य पदार्थों में पूरी तरह प्रतिबंधित है। नवंबर 2025 में वायरल वीडियो एवं रिपोर्टों के बाद शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रव्यापी जांच की मांग की।

इसके जवाब में FSSAI ने 28 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर राज्यों को भुने चने एवं समान उत्पादों की त्वरित जांच, सैंपलिंग एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। मिलावटी उत्पाद जब्त करने, लाइसेंस रद्द करने एवं दोषियों पर मुकदमा चलाने के प्रावधान किए गए हैं।

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मिलावटी भुने चने की पहचान

  • अत्यधिक चमकीले या पीले रंग के
  • गीले हाथ से छूने पर रंग छूटने वाले
  • अस्वाभाविक चमकदार (ग्लॉसी) दिखने वाले
  • हल्की केमिकल गंध वाले
  • गुड़ में मिलावट

गुड़ का सेवन मिठास और हेल्थ को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। पर जिस गुड़ का इस्तेमाल हम रोज अपनी डेली लाइफ में कर रहे ये इतना भी जहरीला हो सकता है। जिसके बारे में इंसान सोच भी नहीं सकता। दरअसल, गुड़ में वजन बढ़ाने के लिए वॉशिंग सोडा, चूना तथा सुनहरा रंग देने के लिए मेटानिल येलो जैसे प्रतिबंधित रंगों का उपयोग की शिकायतें आम हैं। हालांकि दिसंबर 2025 में FSSAI का विशेष फोकस भुने चने पर रहा, गुड़ में मिलावट पुरानी समस्या है तथा त्योहारों में जांच बढ़ाई जाती है।

अंडों में प्रतिबंधित एंटीबायोटिक्स

दिसंबर 2025 में एक प्रमुख ब्रांड Eggoz के अंडों में नाइट्रोफ्यूरान मेटाबोलाइट्स (प्रतिबंधित एंटीबायोटिक्स) की मौजूदगी की रिपोर्ट वायरल हुई। इससे कैंसर का खतरा बताया गया। FSSAI ने 15 दिसंबर के आसपास राज्यों को ब्रांडेड एवं अनब्रांडेड अंडों के सैंपल लेकर जांच के निर्देश दिए। मुर्गियों में इन रसायनों का उपयोग उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जाता है।  जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

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स्वास्थ्य जोखिम

रसायन (ऑरामाइन, मेटानिल येलो, नाइट्रोफ्यूरान आदि) कार्सिनोजेनिक हैं। अल्पकालिक प्रभाव में पाचन संबंधी समस्याएं (दस्त, उल्टी, गैस, पेट जलन) तथा लीवर, किडनी, पेट का कैंसर, हार्मोनल असंतुलन एवं बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना शामिल है।

उपभोक्ताओं की चिंता

सर्दियों में गुड़ एवं भुने चने का सेवन बढ़ता है। लोग कह रहे हैं कि अब स्वास्थ्यवर्धक माने जाने वाले ये पदार्थ भी सुरक्षित नहीं। डाइटिशियन की सलाह पर भुने चने खाने वाले उपभोक्ता अब दुविधा में हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि मिलावट रोकने के लिए सतत निगरानी एवं कार्रवाई जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को विश्वसनीय स्रोतों से खाद्य पदार्थ खरीदने एवं संदिग्ध उत्पादों की शिकायत करने की सलाह दी गई है।