बिलासपुर| क्या आपने कभी सोचा है, कि आप बाजार से जो भुना हुआ चना खरीद कर खा रहे हैं, वह मिलावटी हो सकता है। जी हां, छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने भुना हुआ मिलावटी चना पकड़ा है। बिलासपुर के सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1350 किलोग्राम (13.5 क्विंटल) संदिग्ध भुना चना जब्त किया गया है। जब्त किए गए चने की कीमत 1 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
विभाग को आशंका है कि चने को आकर्षक और चमकदार बनाने के लिए इसमें जानलेवा रसायनों का उपयोग किया गया है।
चमक के पीछे छिपा है जहर का खतरा
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन के नेतृत्व में यह छापेमारी मुंबई और उत्तर प्रदेश में चने में मिले घातक रसायनों की शिकायतों के बाद की गई। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए चने में असामान्य चमक है, जो प्राकृतिक नहीं लग रही है। आमतौर पर चने का रंग स्वाभाविक पीला होता है, लेकिन मिलावटी चने अत्यधिक गहरे या चमकदार दिखाई देते हैं।
इन फर्मों पर की गई कार्यवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग की टीम ने सिरगिट्टी स्थित निम्नलिखित केंद्रों पर कार्रवाई की:
अमित फूड प्रोडक्ट: 600 किलो चना जब्त (कीमत ₹48,000)
जय भोले इंडस्ट्रीज: 750 किलो चना जब्त (कीमत ₹60,000)
शिवशक्ति दाल मिल: यहाँ से भी चने के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
हरियाणा के लैब में भेजे गए सैंपल
विभाग ने चने के सैंपल लेकर जांच के लिए हरियाणा स्थित ‘नेशनल कमोडिटी मैनेजमेंट सर्विस लिमिटेड’ की लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने में लगभग 15 दिन का समय लगेगा। अधिकारी देवांगन ने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट में हानिकारक केमिकल की पुष्टि होती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई और जेल का प्रावधान है।
गोरखपुर में पकड़ा गया था मिलावटी चना
कुछ दिन पहले ही यूपी के गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मां तारा ट्रेडर्स पर छापा मारकर 750 बोरियों में रखा 30 टन भुना चना बरामद किया था। इन भुने चनों में केमिकल मिलाकर चमकदार दिखाने का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि कपड़ा और चमड़ा रंगने वाले केमिकल का इस्तेमाल किया गया था, जो आर्माइन-ओ के नाम से जाना जाता है और लिवर तथा किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है।
अधिकारी ने दी ये सलाह
“उपभोक्ता खरीदारी करते समय सतर्क रहें। यदि चना जरूरत से ज्यादा चमकदार या गहरा पीला दिखे, तो उसे खरीदने से बचें। हालांकि घर पर इसकी सटीक जांच कठिन है, लेकिन सावधानी ही बचाव है।”



