बिलासपुर। एडवोकेट जनरल कार्यालय के लिए सरकारी वकीलों की टीम गठित करने के बाद अब राज्य सरकार ने पैनल अधिवक्ताओं के मानदेय पर भी निर्णय ले लिया है। बुधवार दोपहर जारी आदेश में विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने पैनल वकीलों के लिए दैनिक मानदेय निर्धारित कर दिया है। इसके तहत अब प्रति केस के बजाय प्रति सुनवाई दिवस के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने पूर्व में जारी सभी आदेशों को निरस्त करते हुए स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी करने वाले पैनल अधिवक्ताओं को अब एक दिन की सुनवाई के लिए अधिकतम 2,500 रुपये का मानदेय मिलेगा। यह राशि तब भी 2,500 से अधिक नहीं होगी, जब कोई पैनल वकील एक ही दिन में एक से ज्यादा मामलों में उपस्थित हो।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पैनल अधिवक्ताओं को मानदेय पाने के लिए कम से कम एक मामले की सुनवाई में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। यानी केवल नामांकन के आधार पर भुगतान नहीं किया जाएगा; वास्तविक पेशी जरूरी होगी।

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इस नई व्यवस्था को वित्त विभाग की स्वीकृति 23 दिसंबर 2025 को मिल चुकी थी। इसके बाद विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा।