टीआरपी डेस्क। नए साल 2026 की शुरुआत में भी दिल्लीवासियों को प्रदूषित हवा से राहत नहीं मिली। शुक्रवार सुबह राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 321 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। सुबह घने कोहरे तथा धुंध की मोटी परत के कारण कई इलाकों में दृश्यता कम रही और लोगों को आंखों में जलन व सांस संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न इलाकों में AQI इस प्रकार रहा: अलीपुर 292, आनंद विहार 348, अशोक विहार 316, आया नगर 235, बवाना 227, बुराड़ी 257, चांदनी चौक 340, डीटीयू 286, द्वारका सेक्टर-8 303, आईजीआई एयरपोर्ट (टी3) 219, आईटीओ 292, जहांगीरपुरी 318, लोधी रोड 284, मुंडका 324, नजफगढ़ 254, नरेला 292, पंजाबी बाग 308, आरके पुरम 319, रोहिणी 315, सोनिया विहार 306 तथा विवेक विहार 330।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार वायु गुणवत्ता बिगड़ने का मुख्य कारण मौसमी स्थितियां हैं। तापमान में गिरावट तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंडी हवा नीचे फंस जाती है, जिससे वाहनों का धुआं, निर्माण धूल आदि प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पाते। बारिश न होने तथा हवा की कम गति से प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक की श्रेणियां इस प्रकार हैं: 0-50 अच्छी, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बेहद खराब और 401-500 गंभीर स्तर पर रखा गया है।



