कोरबा। धान बेच नहीं पाने के कारण किसान द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए इलाके के पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। वहीं तहसीलदार और समिति प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है।

दरअसल धान का टोकन नहीं कटने से परेशान किसान सुमेर सिंह गोंड ने रविवार की रात कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या की कोशिश की थी। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां इलाज के बाद अब उसकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है।

कोरबा जिले के हरदीबाजार तहसील अंतर्गत ग्राम कोरबी के रहने वाले किसान सुमेर सिंग गोण ने रविवार की रात कीटनाशक का सेवन कर लिया था। मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती किसान की पत्नी ने बताया कि धान बिक्री के लिए वह लगातार टोकन कटवाने का प्रयास कर रहा था लेकिन टोकन नही कट सका। जिससे परेशान होकर उसने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।

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जांच के बाद की कार्रवाई

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले की जांच करायी। जिसके बाद इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले पटवारी कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

कलेक्टर  के निर्देश का पटवारी ने नहीं किया पालनकलेक्टर कुणाल दुदावत ने मीडिया को बताया कि  पिछले दिनों कुल 27 किसानों ने धान ब्रिकी में समस्या की शिकायत की थी, जिसमें किसान सुमेर सिंग गोंड भी शामिल है। इन सारे किसानों की शिकायत के निराकरण के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियोें और पटवारी को भौतिक सत्यापन का आदेश दिया गया था, लेकिन हरदीबाजार तहसील क्षेत्र के पटवारी ने आदेश के बाद भी भौतिक सत्यापन नहीं किया। जिसके चलते डिजिटल फसल सर्वेक्षण में किसान का फसल त्रुटिवश धान की जगह अन्य फसल दर्ज रह गया। यही वजह है कि किसान का टोकन जारी नही हो पा रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर ने पटवारी को तत्काल सस्पेंड करते हुए तहसीलदार और समिति प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि धान खरीदी के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जायेगी। किसानों की शिकायत और उनके समाधान को लेकर सख्त निर्देश दिये गये है।

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