बिलासपुर। जिले में गठित प्रशासनिक जांच दल द्वारा संयुक्त रूप से विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम केसला में संचालित कटस्म मिलिंग हेतु पंजीकृत राईस मिल गायत्री फूड प्रोडक्ट की जांच की गई। इस दौरान धान की अफरा तफरी उजागर होने पर पूरे स्टॉक को जब्त करते हुए राइस मिल को सील कर दिया गया है।

उठाव से हजारों क्विंटल कम मिला धान

दरअसल राईस मिलर द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25300 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। मगर के समय मिल का भौतिक सत्यापन करने पर 22148 क्विंटल धान ही उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार राईस मिलर द्वारा समिति से उठाव किये गये 3152 क्विंटल धान मिल परिसर में उपलब्ध नहीं पाया गया।

राइस मिलर द्वारा धान की रिसायकलिंग की आशंका

मिल संचालक आयुष अग्रवाल का उपरोक्त कृत्य छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन है। उपरोक्तानुसार अनियमितता पाये जाने एवं धान की रिसायकलिंग की आशंका को मद्देनजर भौतिक रूप से प्राप्त समस्त धान के स्टॉक 22148 क्विटल को जब्त किया गया तथा राईस मिल गायत्री फूड प्रोडक्ट को सील कर दिया गया।

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जप्तशुदा धान की कीमत 6 करोड़ 86 लाख 58 हजार 800 रूपये है। संयुक्त जांच टीम में जिले के सहायक खाद्य अधिकारी अजय कुमार मौर्य, खाद्य निरीक्षक आशीष दिवान, श्याम वस्त्रकार और ललिता शर्मा शामिल थीं।

धान के उठाव को जीपीएस से किया जा रहा है ट्रैक

गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा जिले के समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। उपरोक्त कार्य की निगरानी हेतु शासन द्वारा आईसीसीसी कमाण्ड सेन्टर का गठन किया गया है। जिसके तहत धान उठाव के कार्य में लगे वाहनों को जीपीएस के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है। वाहन द्वारा समिति से धान उठाव करने के पश्चात् अधिक समय तक एक स्थान पर रूकने एवं वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक मात्रा में धान का परिवहन करने पर उपरोक्त की सूचना आईसीसीसी पोर्टल पर ऑनलाईन प्रदर्शित होने लगती है, जिसकी जांच जिला स्तर पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा की जाती है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन एवं रख-रखाव में अनियमितता बरतने वाले मिलर्स के विरूद्ध इसी प्रकार जांच एवं कार्यवाही जारी रहेगी।

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