टीआरपी। National literary conference : नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। महोत्सव में देशभर से 120 साहित्यकार शामिल होंगे। उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति डा.कुमुद शर्मा अतिथि होंगे।
तीन दिन में 42 सत्र
तीन दिवसीय उत्सव में 42 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, साहित्य और राजनीति, सिनेमा व समाज, महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, लोक संस्कृति, पत्रकारिता, शासन, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे विषयों पर साहित्यकार अपने विचार व्यक्त करेंगे।
चाणक्य नाटक का आकर्षण
साहित्य महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 23 जनवरी को शाम 7 बजे चाणक्य नाटक का मंचन किया जाएगा। नाटक में मुख्य भूमिका मनोज जोशी ने निभाई है। महोत्सव में महाभारत सीरियल में कृष्ण की भूमिका से प्रसिद्ध हुए नीतिश भारद्वाज और फिल्म निर्देशक अनुराग बसु भी शामिल होंगे।
दूसरे दिन अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य-पाठ
महात्सव के दूसरे दिन 24 जनवरी को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा।
प्रदेश के विकास की प्रदर्शनी
महोत्सव में छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्षों के विकास पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा लोक कलाकारों और युवाओं की साहित्य प्रतिभा के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा। जहां युवा कविता, कहानी की प्रस्तुति देंगे। लोक कलाकार भी लोकनृत्य और गीत-संगीत की प्रस्तुति देंगे। क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है।
निःशुल्क बस सेवा
साहित्य महोत्सव में ज्यादा से ज्यादा साहित्य प्रेमी शामिल हों, इसके लिए पुरखौती मुक्तांगन तक आने-जाने के लिए 20 बसें निःशुल्क चलाई जाएंगी।
छत्तीसगढ़ी व्यंजन
महोत्सव में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित 15 फूड स्टॉल, पेयजल, स्वच्छता और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
चार मंडपों में सत्र
महोत्सव में 42 सत्रों के लिए चार मंडप तैयार किए गए हैं। इन मंडपों का नामकरण प्रसिद्ध साहित्यकारों के नाम पर किया गया है। महोत्सव में पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसमें राजकमल, प्रभात, राजपाल, सरस्वती बुक, हिंद युग्म सहित 15 से अधिक प्रकाशकों की पुस्तकों को शामिल किया जाएगा। साथ ही अनेक पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।
मुख्य मंडप – विनोद कुमार शुक्ल
दूसरा मंडप – श्यामलाल चतुर्वेदी
तीसरा मंडप – लाला जगदलपुरी
चौथा मंडप – अनिरुद्ध नीरव



