टीआरपी डेस्क। उत्तराखंड की आगामी चारधाम यात्रा से पहले गंगोत्री मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी घोषणा की, जो न केवल मुख्य धाम बल्कि मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव पर भी लागू होगा।

बता दें कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और परंपराओं की रक्षा के नाम पर लिया गया यह निर्णय देश-दुनिया से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की व्यवस्था पर असर डालेगा। छत्तीसगढ़ से भी हर साल हजारों श्रद्धालु चारधाम की यात्रा पर जाते हैं, जिनके लिए मंदिर के इन नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है।

मंदिर समिति का सख्त फैसला

गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि मंदिर परिसर और पवित्र गंगा घाटों पर अब केवल हिंदू धर्मावलंबियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने साफ कहा कि इन पवित्र स्थलों की मर्यादा और सदियों पुरानी परंपराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए यह कदम अनिवार्य है।

See also  IPL 2026: पंजाब किंग्स का 'विशाल' पलटवार, हैदराबाद के 219 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य को 19वें ओवर में किया फतह

समिति अब यह सुनिश्चित करेगी कि यात्रा शुरू होने पर अक्षय तृतीया से ही इन नियमों का सख्ती से पालन हो। बता दें कि चैत्र नवरात्रि के दौरान कपाट खुलने की आधिकारिक तिथि तय की जाएगी।

बदरी-केदार मंदिर समिति की भी तैयारी

गंगोत्री के बाद अब बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) में भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाने की हलचल तेज है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने संकेत दिए हैं कि आगामी बोर्ड बैठक में गैर-हिंदुओं के प्रवेश वर्जित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। उनका तर्क है कि केदारखंड से लेकर मानसखंड तक की परंपराओं की रक्षा करना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है।