Kumar Vishwas on UGC New Rules: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में चल रहे विवाद के बीच कवि और वक्ता कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने यूजीसी की नई गाइडलाइंस का खुलकर विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर #UGC_RollBack हैशटैग के साथ अपनी बात रखी।

कुमार विश्वास ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं अभागा सवर्ण हूं। चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मेरा रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग की।
UGC के नए नियमों पर क्यों उठा विवाद
13 जनवरी 2026 को यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के उद्देश्य से नए नियम अधिसूचित किए थे। इन नियमों के तहत हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में 9 सदस्यीय समानता समिति (Equity Committee) के गठन को अनिवार्य किया गया है।
समिति में संस्थान प्रमुख, प्रोफेसर, कर्मचारी, सामान्य नागरिक, छात्र और एक समन्वयक शामिल होंगे। नियमों के अनुसार समिति की कम से कम पांच सीटें SC, ST, OBC, दिव्यांगजन और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसी प्रावधान को लेकर विरोध के स्वर तेज हुए हैं।
सरकार की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूजीसी के ये नियम निष्पक्ष हैं और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव के उद्देश्य से नहीं बनाए गए हैं। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यदि नियमों को लेकर कोई भ्रम है, तो जल्द ही स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का मामला
UGC नियम 2026 को लेकर विवाद तब और गहरा गया, जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस मुद्दे पर इस्तीफा दे दिया। बाद में सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए ब्राह्मण समुदाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों से पद छोड़ने और समुदाय के समर्थन में खड़े होने की अपील की थी।


