रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा, जगदलपुर, धमतरी और राजनांदगांव जिला न्यायालयों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरा ई-मेल संबंधित जिला कोर्ट के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा गया, जिसे जिला न्यायाधीशों ने प्राप्त किया। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
सरगुजा जिला न्यायालय को धमकी मिलने के बाद एसपी और एएसपी समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। कोर्ट में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। सरगुजा एसपी ने बताया कि फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला है, जांच जारी है।
जगदलपुर जिला न्यायालय में भी बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम पहुंची। डॉग स्क्वायड की मदद से कोर्ट परिसर की तलाशी ली गई। एसपी ने धमकी भरे ई-मेल की पुष्टि करते हुए कहा कि हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
राजनांदगांव जिला न्यायालय को बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे परिसर को घेर लिया। बड़ी संख्या में पुलिस बल, बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड ने कमरों, गलियारों, पार्किंग और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। अचानक हुई कार्रवाई से कुछ देर के लिए कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
राजनांदगांव जिला न्यायालय में एनआईए कोर्ट संचालित होती है, जहां नक्सल मामलों से जुड़े कई संवेदनशील प्रकरण लंबित हैं। बड़े नक्सली आरोपियों की नियमित पेशी भी होती रहती है। इसी वजह से धमकी के पीछे नक्सली कनेक्शन की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह एक सिक्योरिटी थ्रेट से जुड़ा ई-मेल है, जिसकी सूचना न्यायालय से मिली थी। एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ई-मेल आउटलुक प्लेटफॉर्म से भेजा गया है, इसके स्रोत और उद्देश्य की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले भी छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव और धमतरी जिला न्यायालयों को इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय जांच में सामने आया था कि ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया था। इस बार भी सभी मामलों को एक साथ जोड़कर जांच आगे की जांच की जा रही है।



