Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सवाल वही पुराना है क्या भारतीय वायु सेना ने किराना हिल्स या किसी अन्य परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया था? इस बहस को नई हवा गणतंत्र दिवस पर जारी भारतीय वायु सेना के एक वीडियो से मिली है।
दरअसल, वायु सेना द्वारा जारी वीडियो में पाकिस्तान के सरगोधा क्षेत्र में स्थित एक न्यूक्लियर बेस पर हमले जैसे दृश्य दिखाए गए हैं। वीडियो में राफेल, सुखोई, जगुआर और तेजस जैसे भारतीय लड़ाकू विमानों की फुटेज के साथ “शांति का रखवाला” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसने अटकलों को और बढ़ा दिया है।
वीडियो में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान एयरबेस समेत पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले की झलक दिखाई गई है। इसके साथ ही फाइटर जेट्स का सिंदूर फॉर्मेशन भी दिखाया गया है। वीडियो में संदेश दिया गया है कि भारतीय वायु सेना शांति की गारंटर है, लेकिन अगर शांति को चुनौती दी जाती है तो वह सख्त जवाब देने में सक्षम है।
वीडियो के एक हिस्से में कहा गया है, मैं शांति का अटूट गारंटर हूं। अगर कोई इस शांति को तोड़ने की कोशिश करता है, तो मैं उसके खिलाफ अचूक, अभेद्य और सटीक रक्षक बनकर खड़ा होता हूं।
पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि भारत ने किराना हिल्स पर हमला किया है। किराना हिल्स को पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के संभावित भंडारण स्थलों में से एक माना जाता है। 12 मई 2025 को संघर्ष के दौरान मीडिया के सवाल पर एयर मार्शल ए के भारती ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि भारत ने किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर पर हुई प्रेस ब्रीफिंग में भी एयर मार्शल भारती ने साफ कहा था कि किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया गया। गणतंत्र दिवस पर जारी नए वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर भी भारतीय वायु सेना ने अपना पुराना रुख दोहराया है। वायु सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने कहा कि वायु सेना अब भी अपने आधिकारिक बयान पर कायम है।
हालांकि वीडियो ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है, लेकिन आधिकारिक तौर पर भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के किसी भी परमाणु ठिकाने पर हमले से इनकार किया है।



