टीआरपी डेस्क। जिला न्यायालय के आदेश पर मकान खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने आत्मदाह करने वाली महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा उर्फ रानी की इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। घटना 22 जनवरी को शहर के पचरीपारा इलाके में हुई थी।

विवाद और कोर्ट का आदेश

शबाना निशा लंबे समय से पचरीपारा स्थित एक किराए के मकान में रह रही थीं। परिजनों के अनुसार, वे उस मकान को खरीदना चाहती थीं, लेकिन मकान मालिक इसके लिए तैयार नहीं था। मामला अदालत पहुंचा, जहां फैसला मकान मालिक के पक्ष में आया। कोर्ट के आदेश के बाद जब 22 जनवरी को पुलिस और प्रशासन की टीम कब्जा दिलाने पहुंची, तब शबाना ने अचानक खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

घटना के समय शबाना करीब 95 प्रतिशत झुलस गई थीं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया। सात दिनों तक चले इलाज के बाद शुक्रवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका पूर्व में पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुकी थीं। सिटी कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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