टीआरपी डेस्क। भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को लेकर पाकिस्तान के रुख पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है। आईसीसी ने साफ कहा है कि किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट में तय कार्यक्रम के अनुसार सभी योग्य टीमों का समान शर्तों पर खेलना बुनियादी नियम है। किसी एक मुकाबले से दूरी बनाना विश्व कप जैसी प्रतियोगिता की भावना के खिलाफ है।

आईसीसी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि उसने पाकिस्तान सरकार के उस बयान पर संज्ञान लिया है, जिसमें टी-20 विश्व कप में टीम की चुनिंदा भागीदारी का संकेत दिया गया है। हालांकि, अभी तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। आईसीसी के मुताबिक, चयनित मैच खेलने की नीति किसी वैश्विक खेल आयोजन की मूल अवधारणा से मेल नहीं खाती।

बयान में कहा गया कि आईसीसी टूर्नामेंट निष्पक्षता, प्रतिस्पर्धा, निरंतरता और समानता के सिद्धांतों पर चलते हैं। किसी एक प्रतिद्वंद्वी या मैच से हटना न केवल प्रतियोगिता की पवित्रता को कमजोर करता है, बल्कि खेल की मूल भावना को भी नुकसान पहुंचाता है।

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आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय नीतियों में सरकारों की भूमिका का सम्मान करती है, लेकिन ऐसा फैसला वैश्विक क्रिकेट और करोड़ों प्रशंसकों के हित में नहीं है। परिषद ने पीसीबी से आग्रह किया कि वह ऐसे कदमों के दीर्घकालिक और गंभीर प्रभावों पर गंभीरता से विचार करे, क्योंकि इससे वैश्विक क्रिकेट व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसका पीसीबी भी सदस्य और लाभार्थी है।

आईसीसी ने दोहराया कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता टी-20 विश्व कप 2026 का सफल आयोजन है और इस जिम्मेदारी में पीसीबी समेत सभी सदस्य बोर्डों की बराबर हिस्सेदारी है। साफ संकेत है कि समाधान नहीं निकला तो आगे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।