रायपुर। राज्य में निजी (प्राइवेट) स्कूलों की स्थानीय कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा अब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से कराई जाएगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए सभी डीईओ को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद निजी स्कूल संगठन की बैठक हुई और विरोध जताते हुए आदेश को 3 दिन में वापस लेने को कहा गया है।

निजी स्कूल संचालकों ने विरोध शुरू किया

स्कूल शिक्षा विभाग के परीक्षाओं का संचालन करने के फैसले से निजी स्कूल संचालकों ने नाराजगी जताई है।इस मुद्दे पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की मंगलवार को आपात बैठक बुलाई गई और यह निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर इस आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की जाएगी।

निजी स्कूलों की स्वायत्तता पर हमला

स्कूल संचालकों का कहना है कि सभी कक्षाओं की परीक्षाएं अंतिम समय पर लागू करना स्कूल शिक्षा विभाग का नियम-विरुद्ध, एकपक्षीय तथा प्रदेश की स्कूली शिक्षा को पीछे ले जाने वाला निर्णय है। यह निजी स्कूलों की स्वायत्तता पर सीधा हमला है।

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3 दिनों के भीतर परीक्षा रद्द करने की मांग

निजी स्कूल संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा है कि यदि आगामी तीन दिनों के भीतर उक्त परीक्षाएं रद्द नहीं की जाती हैं, तो प्रदेश के समस्त निजी विद्यालय आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मुद्दे पर आज होने वाली चर्चा के उपरांत चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की जाएगी।