टीआरपी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सभी राज्यों के डीजीपी और एसीएस होम के साथ रणनीतिक बैठक कर रहे हैं । उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, 31 मार्च से पहले यह आखिरी बड़ी बैठक हो सकती है, जिसमें नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति पर अंतिम मुहर लगेगी।
यह बैठक बस्तर में सुरक्षा और विकास के दोहरे मॉडल को लागू करने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 31 मार्च की समयसीमा संकेत देती है कि सरकार नक्सलवाद के खात्मे के लिए अब ‘आर-पार’ की रणनीति पर काम कर रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
बस्तर पंडुम: संस्कृति और विकास का संगम
कल 9 फरवरी को अमित शाह ऐतिहासिक ‘बस्तर पंडुम‘ उत्सव में शामिल होंगे। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की संस्कृति के संवर्धन का सबसे बड़ा उत्सव है। इस दौरान स्थानीय जनता की इच्छा के अनुरूप बस्तर के भविष्य के विकास पर सीधी चर्चा की जाएगी। गृह मंत्री का संकल्प है कि बस्तर को देश के सबसे समृद्ध और सुंदर क्षेत्रों में से एक बनाया जाए।
- रणनीतिक बैठक: बैठक में सभी राज्यों के डीजीपी और एसीएस (होम) शामिल
- डेडलाइन: 31 मार्च से पहले रणनीति को अंतिम रूप देने का लक्ष्य।
- विकास का विजन: बस्तर को देश का सबसे सुंदर और समृद्ध क्षेत्र बनाने का रोडमैप तैयार।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: बस्तर पंडुम के जरिए स्थानीय परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाना।
ये बैठकें और दौरे छत्तीसगढ़ की आंतरिक सुरक्षा और बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बड़े बदलाव की नींव रखेंगे। सरकार का ध्यान अब ‘डेवलपमेंट और सिक्योरिटी’ के मॉडल को जमीनी स्तर पर उतारने पर है।



