Amit Shah at Bastar Pandum 2026 Jagdalpur.

टीआरपी। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की कला और संस्कृति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति पूरे भारत का गौरव है। इस अवसर पर गृहमंत्री ने घोषणा की कि पंडुम के विजेता लोक कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहाँ वे अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और सहभोज में शामिल होंगे।

बस्तर पंडुम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। 53 हजार से अधिक कलाकारों की भागीदारी और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की समय-सीमा (31 मार्च 2026) तय होना, बस्तर में स्थायी शांति और विकास की नई इबारत लिख रहा है।

2026 तक नक्सलवाद मुक्त होगा बस्तर

समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर की मासूम जनता को सुरक्षा देना है। उन्होंने कहा, “जवानों के अदम्य साहस से 31 मार्च 2026 तक माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।” उन्होंने प्रदेश की नई नक्सल पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब 40 प्रभावित गांवों में गोलियों की जगह स्कूलों की घंटियां सुनाई दे रही हैं।

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विकास का रोडमैप: सिंचाई, बिजली और उद्योग

गृहमंत्री ने बस्तर के विकास के लिए कई बड़ी सौगातों की जानकारी दी:

  • औद्योगिक क्षेत्र: बस्तर जिले में 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होगा।
  • सिंचाई और बिजली: दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के 2.75 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई और 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य जल्द शुरू होगा।
  • कनेक्टिविटी: रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो अभियान को विस्तार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय बोले- “यह नए भारत का नया बस्तर है”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुका है। पहले यहाँ की चर्चा माओवाद के लिए होती थी, लेकिन अब बस्तर अपनी संस्कृति, पर्यटन और ‘धुड़मारास’ जैसे सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों के लिए दुनिया भर में पहचाना जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पंडुम में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने 12 विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई है।

  • सहभागिता: 7 जिलों की 32 जनपद पंचायतों के 53,000+ कलाकारों ने लिया हिस्सा।
  • सम्मान: विजेताओं को दिल्ली में राष्ट्रपति भवन जाने का मिलेगा अवसर।
  • लक्ष्य: 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूर्ण सफाया।
  • पर्यटन: यूएन द्वारा बस्तर के धुड़मारास को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किए जाने पर गर्व जताया गया।
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बस्तर पंडुम के समापन के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान मार्च 2026 की डेडलाइन तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने और सुरक्षा कैंपों के माध्यम से विकास की गति को तेज करने पर रहेगा।