टीआरपी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे चरण में आज छत्तीसगढ़ की प्रभावशाली भागीदारी रही। रायपुर जिले के माना कैम्प स्थित पीएम नवोदय विद्यालय के कक्षा 11वीं के छात्र तेजस चन्द्राकर को प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिला। तेजस ने परीक्षा के बाद घूमने लायक जगहों के बारे में सवाल पूछा, जिस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘अपनी जड़ों को जानने’ की प्रेरणा दी।
छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री से सीधा संवाद करना राज्य की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। इस कार्यक्रम से राज्य के लगभग 30 लाख लोग सीधे जुड़े, जो सामुदायिक सहभागिता का एक बड़ा रिकॉर्ड है।
PM मोदी का सुझाव: “तहसील से शुरू करें पर्यटन”
छात्र तेजस चन्द्राकर के सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पर्यटन को सीखने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि तेजस को सबसे पहले अपनी तहसील, फिर जिला और फिर राज्य स्तर पर दर्शनीय स्थलों की सूची बनानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी यात्राओं की योजना खुद बनाएं और स्थानीय संस्कृति व इतिहास से जुड़ें।
छत्तीसगढ़ से रिकॉर्ड 29.89 लाख दर्शक
कार्यक्रम के दूसरे चरण में राज्य के 36,905 स्कूलों में सीधा प्रसारण किया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- विद्यार्थी: 26.65 लाख
- शिक्षक: 1.54 लाख
- अभिभावक: 1.68 लाख कुल मिलाकर 29.89 लाख दर्शकों ने इस सत्र का लाभ उठाया। इसके अलावा 478 सार्वजनिक स्थलों पर भी बड़ी स्क्रीन लगाकर नागरिकों को कार्यक्रम दिखाया गया।
प्रथम चरण में सृष्टि ने बढ़ाया था मान
बता दें कि 6 फरवरी को आयोजित पहले चरण में महासमुंद जिले की कक्षा 12वीं की छात्रा कु. सृष्टि साहू को भी प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछने का गौरव प्राप्त हुआ था। छत्तीसगढ़ से लगातार दो छात्रों का चयन होना राज्य के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।
- स्कूलों की संख्या: 36,905 स्कूलों में हुआ लाइव प्रसारण।
- कुल दर्शक: लगभग 29.89 लाख (विद्यार्थी, शिक्षक और पालक)।
- चयनित छात्र: तेजस चंद्राकर (रायपुर) और सृष्टि साहू (महासमुंद)।
- सार्वजनिक स्थल: 478 केंद्रों पर 42 हजार आम नागरिकों ने देखा कार्यक्रम।
प्रधानमंत्री के सुझावों के बाद स्कूल शिक्षा विभाग राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर आधारित ‘स्टुडेंट टूरिज्म गाइड’ या प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दे सकता है, जिससे छात्र अपनी स्थानीय विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें।


