टीआरपी। राजधानी के डीडी नगर (पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर) को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे ने 2 उद्यानों के सौंदर्यकरण कार्य का भूमिपूजन किया। 20 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से होने वाले इन कार्यों का उद्देश्य रहवासियों को बेहतर और आधुनिक जनसुविधाएं उपलब्ध कराना है।
डीडी नगर जैसे घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में उद्यानों का विकसित होना न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि यह क्षेत्र के बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल प्रदान करेगा। साथ ही, नालंदा परिसर पार्ट-2 की घोषणा से यहाँ के छात्रों को पढ़ाई का बेहतरीन माहौल मिलेगा।
अवैध निर्माण पर सख्ती और व्यवस्थित पार्किंग की अपील
भूमिपूजन के दौरान विधायक राजेश मूणत ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध निर्माण कार्यों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक दुकानों को सीलबंद किया जाए। विधायक ने नालंदा परिसर पार्ट-2 के काम को भावी पीढ़ी के लिए मील का पत्थर बताया और एजुकेशन हब से खाद्य दुकानों को हटाने के फैसले पर नगर निगम प्रशासन का आभार जताया।
महापौर मीनल चौबे ने नागरिकों से अपील की कि वे शहर को सुव्यवस्थित रखने में सहभागी बनें। उन्होंने विशेष रूप से डीडी नगर गोल चौक और अन्य प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाने हेतु पार्किंग व्यवस्था में सहयोग करने की बात कही।
नालंदा परिसर और लाइब्रेरी का बेहतर संधारण
विधायक मूणत ने जोर दिया कि डीडी नगर में बनाई गई लाइब्रेरी और विकसित किए जा रहे उद्यानों का संधारण स्थानीय नागरिक समिति बनाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि जब नागरिक स्वयं निगरानी करेंगे, तभी इन विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिल सकेगा। सभापति सूर्यकांत राठौड़ , पार्षद आशु चंद्रवंशी ने भी नागरिकों को विकास कार्यों में सकारात्मक भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
- कुल लागत: 20 लाख रुपये की लागत से 2 उद्यानों का कायाकल्प।
- प्रमुख घोषणा: एजुकेशन हब में नालंदा परिसर पार्ट-2 का कार्य प्रारंभ।
- सख्ती: आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर सीलिंग की चेतावनी।
- प्रमुख उपस्थिति: सभापति सूर्यकांत राठौड़, एमआईसी सदस्य दीपक जायसवाल, भोलाराम साहू, जोन अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल और ग्रीन आर्मी के अमिताभ दुबे।
नगर निगम प्रशासन ने गुणवत्तापूर्ण कार्य का भरोसा दिया है। महापौर ने नागरिकों को छूट दी है कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में कमी दिखे, तो वे सीधे उनसे या निगम प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं ताकि तत्काल सुधार किया जा सके।


