Surajpur Congress mass resignation and internal crisis.

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कांग्रेस संगठन के भीतर लंबे समय से सुलग रहा असंतोष अब ज्वालामुखी बनकर फट पड़ा है। संगठन में पदों के बंटवारे को लेकर मचे घमासान के बीच संयुक्त महामंत्री, महामंत्री और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात 30 से अधिक पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी है।

सूरजपुर में कांग्रेस का यह आंतरिक बिखराव आने वाले स्थानीय चुनावों और संगठन की मजबूती के लिए बड़ा खतरा है। पूर्व मंत्री खेल साय सिंह के परिवार से जुड़े सदस्यों का इस्तीफा देना यह दर्शाता है कि असंतोष की जड़ें कितनी गहरी हैं, जिससे जिले में पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है।

पदों के बंटवारे पर ‘आर-पार’ की जंग

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह पूरी कलह टी.एस. सिंहदेव और भूपेश बघेल गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि संगठनात्मक नियुक्तियों में योग्यता की जगह गुटबाजी को प्राथमिकता दी गई। इस्तीफों का सिलसिला 17 से शुरू हुआ था, जो अब 30 के पार पहुंच चुका है। इसमें चौंकाने वाला नाम पूर्व मंत्री के परिवार का होना संगठन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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“पद छोड़ा है, पार्टी नहीं” – महिला पदाधिकारियों का रुख

इस्तीफा देने वाली एक महिला पदाधिकारी ने मीडिया से बातचीत में संतुलन बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मुझसे पूछे बिना जिम्मेदारी दी गई थी, मैं फिलहाल खुद को इस पद के योग्य नहीं मानती। मैंने केवल पद छोड़ा है, मैं कांग्रेस की सिपाही बनी रहूँगी।” हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह बयान केवल दबाव की राजनीति का हिस्सा है।

जिला संगठन का रुख: “सोशल मीडिया से मिली जानकारी”

इस बड़े घटनाक्रम पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने रक्षात्मक रुख अपनाया है। संगठन का कहना है कि उन्हें अब तक कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं मिला है। एक वरिष्ठ नेता ने इसे ‘साजिश’ करार देते हुए कहा, “हमे केवल सोशल मीडिया से जानकारी मिली है। आधिकारिक पत्र मिलने पर ही विचार किया जाएगा।”

भाजपा की चुटकी: “कांग्रेस में गुटबाजी पुरानी बीमारी”

कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह पर भाजपा ने तंज कसना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब भी मुख्यमंत्री पद की खींचतान ने विकास रोका और अब विपक्ष में रहने पर भी इनकी आपसी लड़ाई खत्म नहीं हो रही है।

  • इस्तीफों की संख्या: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 17, जो अब 30 से अधिक बताई जा रही है।
  • प्रमुख पद: संयुक्त महामंत्री, महामंत्री, सचिव और महिला पदाधिकारी।
  • प्रभावित क्षेत्र: सूरजपुर जिला कांग्रेस संगठन।
  • मुख्य कारण: नियुक्तियों में पक्षपात और गुटबाजी का आरोप।
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सूरजपुर में मचे इस बवाल को शांत करने के लिए अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। यदि असंतुष्ट गुट को नहीं मनाया गया, तो जिले में संगठन पूरी तरह बिखर सकता है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े इस्तीफों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।