रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सट्टेबाजी का एक ऐसा फिल्मी तरीका सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान महामुकाबले से पहले, सटोरियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए होटलों के बजाय एक लग्जरी हुंडई टक्सन (Hyundai Tucson) कार को अपना चलता-फिरता कंट्रोल रूम बना लिया था। रायपुर पुलिस ने गंज इलाके में घेराबंदी कर इस लग्जरी कार के भीतर चल रहे सट्टे के काले साम्राज्य का पर्दाफाश किया है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिंधु भवन की पार्किंग में खड़ी एक सफेद लग्जरी कार के अंदर कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। जब पुलिस की विशेष टीम ने दबिश दी, तो कार के अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। आरोपी रितेश गोविंदानी, मोहम्मद अख्तर, विक्रम राजकोरी और सागर पिंजानी लैपटॉप और 10 मोबाइल फोन के जरिए Allpanelexch.com जैसी वेबसाइट्स पर मास्टर आईडी ऑपरेट कर रहे थे। कार की तलाशी लेने पर 50 लाख 35 हजार रुपये नगद बरामद हुए।

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आरोपियों ने केवल नगद ही नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से भी करोड़ों का हेरफेर किया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके बैंक खातों की पहचान की और उनमें मौजूद करोड़ों रुपये की राशि को होल्ड करा दिया है। सटोरिए मास्टर आईडी बेचकर मोटा कमीशन कमा रहे थे और हाई-प्रोफाइल सट्टेबाजों को लुभाने के लिए खास ऑफर भी दे रहे थे।

पकड़े गए आरोपियों के पास से पासपोर्ट भी बरामद हुए हैं, जो इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने का संकेत दे रहे हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस रकम का इस्तेमाल किसी दूसरे गैर-कानूनी काम में किया जाना था। इनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और IT एक्ट की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच करा रही है। इस डेटा से उन रसूखदारों के नाम सामने आने की उम्मीद है, जिन्होंने मैच पर लाखों-करोड़ों का दांव लगाया था। पुलिस की अगली रेड शहर के कई और बड़े बुकीज पर पड़ सकती है।

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