टीआरपी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजिम-चौबेबांधा स्थित नवीन मेला मैदान में आयोजित समारोह में भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने राजिम को “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” बताते हुए कहा कि यह भूमि सदियों से आध्यात्मिक चेतना की साक्षी रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवा पीढ़ी को अपनी महान सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ना है। राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का केंद्र है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजिम कुंभ कल्प 2026 के भव्य समापन समारोह में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजिम मेला स्थल को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ और अधिक सुव्यवस्थित और भव्य बनाने की बड़ी घोषणा की।
मुख्यमंत्री की घोषणा से न केवल राजिम के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर जगह मिलने से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बड़ी गति मिलेगी।
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने इस वर्ष की ‘द्वादश ज्योतिर्लिंग’ थीम की सराहना की। वहीं, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजिम को प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया। क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू ने नवीन मेला मैदान में आयोजन को सफलतापूर्वक स्थानांतरित करने का श्रेय मुख्यमंत्री के विजन को दिया।
मुख्य तथ्य और आंकड़े
- प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद गिरी, राजेश्री महंत राम सुंदरदास और अन्य प्रतिष्ठित साधु-संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ।
- विकास का वादा: मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षों में मेला स्थल के विस्तार और सुविधाओं के आधुनिकीकरण का आश्वासन दिया।
- थीम आधारित आयोजन: इस वर्ष कुंभ में पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
प्रशासन अब नवीन मेला मैदान के स्थायी विकास की योजना पर काम शुरू करेगा, ताकि अगले वर्ष के कुंभ आयोजन को और अधिक भव्य और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जा सके।



