बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के करोंधा थाना क्षेत्र स्थित हंसपुर गांव में बुजुर्ग की कथित पिटाई से मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले ने अब नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। परिजनों ने पहले शव लेने के बाद अचानक यू-टर्न लेते हुए राजनीतिक दल के साथ धरने पर बैठने का फैसला कर लिया।
शव लेने के बाद पलटे
बताया जा रहा है कि परिजनों ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव प्राप्त कर लिया था। इस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मृतक का बेटा शव लेते हुए स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। वीडियो में शव वाहन को मृतक के घर के लिए रवाना होते हुए भी देखा जा सकता है। यह वीडियो कल शाम करीब 5 बजे का है। हालांकि, कुछ ही समय बाद घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने के बजाय राजनीतिक दल के साथ धरने पर बैठने का निर्णय लिया। इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा।

एक करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग
एसडीएम की मारपीट से ग्रामीण की मौत मामले में दूसरे दिन भी मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन जारी रहा। इस धरने में कांग्रेस के पूर्व मंत्री अमरजीत भगत सहित कई कांग्रेसी नेता कुसमी पहुँच कर बस स्टैंड में आयोजित धरने शामिल हुए।
प्रशासन से हुई वार्ता
यहां मृतक के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग पर नेता अड़े रहे। बाद में प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता हुई। इस दौरान मांगों के निराकरण को लेकर एक सप्ताह का समय मांगा गया, जिस पर परिजन सहमत हुए और फिर धरना समाप्त हुआ।


