Kalinga University: रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के विधि संकाय द्वारा 17 फरवरी 2026 को जिला न्यायालय, रायपुर में बौद्धिक संपदा अधिकार, विवेचना एवं मध्यस्थता” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अधिवक्ता संघ, रायपुर (छत्तीसगढ़) के सहयोग से आयोजित किया गया।

Kalinga University: कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम रायपुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितेंद्र तिवारी, की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशेष रूप से अधिवक्ता संघ, बार काउंसिल, रायपुर के 16 सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जो विधिक समुदाय के सशक्त संस्थागत समर्थन को प्रतिबिंबित करता है। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा एवं महत्व को और अधिक बढ़ाया।

Kalinga University: संगोष्ठी का उद्देश्य बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), विवेचना प्रक्रिया एवं मध्यस्थता तंत्र से संबंधित विधिक समझ को सुदृढ़ करना था। बढ़ते व्यावसायिक एवं बौद्धिक संपदा विवादों के परिप्रेक्ष्य में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) की प्रासंगिकता पर विशेष बल दिया गया।

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Kalinga University: विशेषज्ञ सत्र में डॉ. अजीम खान, अधिष्ठाता, विधि संकाय एवं सुश्री सलोनी त्यागी, प्रभारी विभागाध्यक्ष, विधि संकाय द्वारा बौद्धिक संपदा कानूनों के वैधानिक प्रावधान, विवेचना ढांचा, मध्यस्थता प्रक्रिया, विवेचना अनुच्छेदों के मसौदा-निर्माण, विवेचना निर्णयों की वैधता एवं प्रवर्तन तथा हालिया न्यायिक विकास पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

Kalinga University: साथ ही विवाद निपटान की व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति रही, जो उभरते विधिक क्षेत्रों में सतत व्यावसायिक उन्नयन के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Kalinga University: कलिंगा विश्वविद्यालय ने निरंतर शैक्षणिक–न्यायिक पहल का आयोजन किया है और शिक्षा जगत तथा न्यायपालिका के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में सतत प्रयासरत है। विधि समुदाय से प्राप्त उत्साहजनक एवं सकारात्मक प्रतिसाद से प्रेरित होकर विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ के जिला न्यायालयों में इसी प्रकार के संरचित कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा अकादमिक जगत एवं न्यायपालिका के मध्य सुदृढ़ सहयोग की भावना को पुनः स्थापित किया गया।

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