टीआरपी डेस्क। आजकल कम उम्र में बाल सफेद होना एक आम समस्या बन गई है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर घरेलू नुस्खों और विटामिन की दवाओं के जरिए बाल काले करने के कई दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, मेडिकल साइंस के अनुसार, एक बार बाल पूरी तरह सफेद हो जाने पर उन्हें प्राकृतिक रूप से दोबारा काला करना संभव नहीं है।
युवाओं में बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या तेजी से बढ़ी है। लोग अक्सर विज्ञापनों के चक्कर में आकर महंगे सीरम और केमिकल युक्त कलर्स का उपयोग करते हैं, जो बालों को पोषण देने के बजाय उन्हें और अधिक नुकसान पहुँचा सकते हैं।
क्यों सफेद होते हैं बाल?
विशेषज्ञों के अनुसार, बालों का रंग शरीर में मौजूद मेलानिन (Melanin) नाम के पिगमेंट पर निर्भर करता है। जब शरीर में इस पिगमेंट का उत्पादन कम हो जाता है, तो बाल सफेद होने लगते हैं। इसके मुख्य कारणों में जेनेटिक्स, शरीर में विटामिन की कमी, अत्यधिक मानसिक तनाव और धूम्रपान जैसी आदतें शामिल हैं।
क्या घरेलू नुस्खे और हेयर कलर प्रभावी हैं?
सोशल मीडिया पर करी पत्ता या आंवला के रस से बाल काले करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है।
- घरेलू नुस्खे: ये बालों को पोषण तो दे सकते हैं, लेकिन सफेद बालों को वापस काला नहीं कर सकते।
- केमिकल कलर्स: हेयर कलर या सीरम का असर केवल कुछ दिनों तक रहता है और केमिकल का प्रभाव खत्म होते ही बाल फिर से सफेद दिखने लगते हैं।
सफेद होने की गति कैसे रोकें?
हालांकि सफेद बाल काले नहीं हो सकते, लेकिन इसकी रफ्तार को कम किया जा सकता है
- तनाव मुक्त रहें: शोध बताते हैं कि तनाव कम करने से कुछ रोमों में प्राकृतिक रंग वापस आ सकता है।
- विटामिन की जांच: शरीर में विटामिन B12, आयरन और जिंक की कमी को पूरा करने से इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
- धूम्रपान छोड़ें: बालों के स्वास्थ्य के लिए धूम्रपान का त्याग करना अत्यंत आवश्यक है।


