Revenue Minister Tank Ram Verma distributing checks to laborers in Baloda Bazar.

टीआरपी । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्रमिकों के आर्थिक उत्थान के लिए आयोजित श्रमिक जन संवाद सम्मेलन में गुरुवार को 1242 श्रमिकों के बैंक खातों में 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे अंतरित की गई।

जिला ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा शामिल हुए, जिन्होंने श्रमिकों को जागरूक होकर योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।

बलौदाबाजार जिले में वर्तमान में 4 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिन्हें अब तक विभिन्न योजनाओं के तहत 90 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। इस तरह के आयोजनों से न केवल वित्तीय सहायता मिलती है, बल्कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचती है, जिससे जिले के असंगठित क्षेत्र के परिवारों का सामाजिक स्तर सुधर रहा है।

नवीन लेबर कोड और श्रमिक विकास कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए लेबर कोड (मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, ओएसएच और औद्योगिक संबंध संहिता) को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि देश की 45 प्रतिशत आबादी असंगठित क्षेत्र में है, जिनके लिए अब राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा। इससे राज्य सरकारें एक निश्चित सीमा से कम वेतन निर्धारित नहीं कर सकेंगी, जिससे मजदूरों के शोषण पर लगाम लगेगी।

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राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जानकारी दी कि राज्य में श्रमिकों के लिए 31 से अधिक कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़” की परिकल्पना तभी साकार होगी जब हमारा श्रमिक वर्ग सशक्त होगा।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित की गई राशि का विवरण इस प्रकार है:

मिनीमाता महतारी जतन योजना 113 महिलाएं ₹22.60 लाख

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति 918 बच्चे ₹19.43 लाख

मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता 97 बुजुर्ग ₹19.40 लाख

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना 89 बालिकाएं ₹17.80 लाख

मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 1242 हितग्राही ₹25.00 लाख

प्रशासन का लक्ष्य जिले के शेष पंजीकृत श्रमिकों को भी चरणबद्ध तरीके से इन योजनाओं से जोड़ना है। आगामी महीनों में ब्लॉक स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे ताकि पात्र श्रमिक अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराकर सीधे अपने खाते में सहायता राशि प्राप्त कर सकें।