रायपुर। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस के नेता और नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मार्च के दूसरे सप्ताह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य केंद्र कुरुद विधानसभा क्षेत्र होगा, जहां एक विशाल जनसभा के जरिए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का आगाज किया जाएगा।
धमतरी और कुरुद का यह दौरा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा योजना पर केंद्रित है, जिससे छत्तीसगढ़ के लाखों ग्रामीण परिवार सीधे जुड़े हैं। कुरुद को सियासी केंद्र बनाकर कांग्रेस न केवल ग्रामीण वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है, बल्कि रोजगार गारंटी के मुद्दे पर सीधे केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है।
आंदोलन की तैयारी और कुरुद का सियासी गणित
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कुरुद विधानसभा को इस दौरे के लिए चुनना एक सोची-समझी रणनीतिक चाल मानी जा रही है। रायपुर से धमतरी के रास्ते में पड़ने वाले इस क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और किसानों की भारी लामबंदी की योजना है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी स्थानीय मुद्दों और ग्रामीण संवाद के जरिए सीधा जुड़ाव बनाएंगे।
इस सभा का सबसे बड़ा मुद्दा मनरेगा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए हालिया संशोधनों का विरोध करना है। कांग्रेस का आरोप है कि सुधार की आड़ में इस रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। राहुल गांधी इस दौरान मनरेगा मजदूरों के अधिकारों और उनकी मजदूरी के भुगतान जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी बात रखेंगे।


