टीआरपी। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के तीन प्रमुख जिलों— रायगढ़, बालोद और महासमुंद में संपत्तियों की संशोधित गाइडलाइन दरें आज यानी 20 फरवरी 2026 से लागू कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में इन जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद नई दरों को अंतिम अनुमोदन दिया गया।
गाइडलाइन दरों में संशोधन से जमीन और मकान की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी। यह स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप दरों को तार्किक बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिससे आम नागरिकों को संपत्ति के सही मूल्यांकन में मदद मिलेगी। जो लोग इन जिलों में घर या प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अब नई दरों के आधार पर ही स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का भुगतान करना होगा।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड का फैसला
राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी कड़ी में रायगढ़, बालोद और महासमुंद की जिला मूल्यांकन समितियों ने स्थानीय मांग और बाजार स्थितियों को देखते हुए संशोधन प्रस्ताव भेजे थे। बोर्ड ने विस्तृत चर्चा के बाद इन प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है।
आम नागरिक और संपत्ति क्रेता-विक्रेता अब संशोधित दरों की विस्तृत जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालय (Registrar Office) या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
- प्रभावी तिथि: 20 फरवरी 2026।
- प्रभावित जिले: रायगढ़, बालोद और महासमुंद।
- उद्देश्य: संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को पारदर्शी और तार्किक बनाना।
- अगला कदम: शेष जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी विचार किया जा रहा है और जल्द ही वहां भी संशोधित दरें क्रमिक रूप से जारी की जाएंगी। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से संपत्तियों के बाजार मूल्य और सरकारी दर के बीच का अंतर कम होगा।



