‘टीआरपी डेस्क। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ प्लान को ‘अवैध’ घोषित कर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस फैसले से ट्रंप के उन आर्थिक दांव-पेंचों को बड़ा झटका लगा है, जिसके तहत उन्होंने भारत सहित कई देशों पर भारी शुल्क लगाए थे। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश के तुरंत बाद ट्रंप ने 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ का नया आदेश लागू कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के स्टील, एल्युमीनियम और कृषि उत्पादों के निर्यातकों के लिए यह खबर मिली-जुली लेकिन राहत भरी है। पहले जिस 18 प्रतिशत टैरिफ की बात चल रही थी, वह अब घटकर 10 प्रतिशत पर आ गया है। इससे भिलाई स्टील प्लांट और राज्य के अन्य बड़े निर्यातकों के उत्पादों की लागत अमेरिका में कम होगी, जिससे वैश्विक बाजार में हमारे उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की नीति को क्यों बताया अवैध?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के नेशनल इमरजेंसी कानून (IEEPA) का गलत इस्तेमाल कर मनमाने ढंग से शुल्क लगाए थे। कोर्ट के अनुसार, टैरिफ लगाने का अधिकार मुख्य रूप से अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास। इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन को अब तक वसूले गए करीब 135-175 बिलियन डॉलर रिफंड करने पड़ सकते हैं।

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भारत पर क्या होगा असर?

व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत जैसे देश, जिन्होंने पहले ही ट्रेड डील के तहत 18 प्रतिशत या उससे अधिक टैरिफ पर सहमति जताई थी, उन्हें भी अब केवल 10 प्रतिशत का सामना करना होगा।