बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ में आवारा कुत्ते मुसीबत बनते जा रहे हैं। यहां हर रोज कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस बार बलौदा बाजार से खबर आई है, जहां पागल कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। इस जिले के पलारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन गांवों में पागल कुत्तों के हमले से इलाके में हड़कंप मच गया है।
रविवार को इन बेकाबू कुत्तों ने अलग-अलग स्थानों पर हमला कर पांच ग्रामीणों को लहूलुहान कर दिया। घायलों में बुजुर्गों की संख्या अधिक है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी डर का माहौल है और लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं।
शरीर में हुए गहरे घाव
जानकारी के मुताबिक, पलारी क्षेत्र के तीन अलग-अलग गांवों में अचानक एक या दो पागल कुत्तों ने ग्रामीणों पर हमला करना शुरू कर दिया। हमले का शिकार हुए लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए घर से बाहर निकले थे। कुत्तों ने इतनी बेरहमी से हमला किया कि कई लोगों के हाथ, पैर और कमर पर गहरे घाव हो गए हैं।
घावों पर लगाने पड़े टांके
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पलारी के चिकित्सक ने बताया कि अस्पताल लाए गए सभी पांचों मरीजों की स्थिति गंभीर थी। उन्होंने कहा कि मरीजों के शरीर पर कुत्तों के दांतों के गहरे निशान हैं, जिसके कारण कई जगह टांके लगाने पड़े हैं। चूंकि अधिकांश घायल बुजुर्ग हैं, इसलिए संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। हमने उन्हें रेबीज रोधी इंजेक्शन लगा दिए हैं और विशेष निगरानी (Observation) में रखा है।”
ग्रामीणों में आक्रोश और भय
घटना के बाद से पलारी क्षेत्र के गांवों में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
बच्चों को बाहर भेजने से डर रहे पालक
आलम यह है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित माता-पिता उन्हें स्कूल या खेलने के लिए बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीण अब लाठी-डंडे लेकर समूह में चलने को मजबूर हैं।
इधर स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यदि किसी को भी कुत्ता काटता है, तो वे घरेलू उपचार करने की बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घाव को बहते हुए साफ पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं।



