टीआरपी। छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए 700 भवन विहीन स्कूलों के निर्माण हेतु 123 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। राज्य के बुनियादी ढांचे को सुधारने के साथ-साथ रायपुर में 93 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य यूनिटी मॉल का निर्माण किया जाएगा।
यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर या भवन विहीन स्कूलों की समस्या को जड़ से खत्म करेगा, जिससे हजारों बच्चों को सुरक्षित छत मिलेगी। साथ ही, रायपुर में बनने वाला यूनिटी मॉल स्थानीय हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा।
शिक्षा का कायाकल्प: 150 मॉडल स्कूल और बस्तर में एजुकेशन सिटी
राज्य सरकार “स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना” के तहत प्रथम चरण में 150 विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करेगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण कदम बस्तर संभाग के लिए उठाया गया है, जहां दंतेवाड़ा की तर्ज पर अब अबूझमाड़ और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएगी। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ेगा।
हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग को मिलेगी वैश्विक पहचान
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला जैसे ढोकरा आर्ट, बांस कला और माटी कला को बढ़ावा देने के लिए सरकार देश के 5 प्रमुख एयरपोर्ट्स पर विशेष शो-रूम खोलेगी। इसके अतिरिक्त, कुनकुरी के ग्राम गोरिया में 2.86 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक ग्लेजिंग यूनिट लगाई जाएगी, जिससे माटी शिल्प को नया डिजाइन और बेहतर बाजार मिल सके।
- स्कूल भवन निर्माण: 500 प्राथमिक, 100 मिडिल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी (कुल 123 करोड़)।
- यूनिटी मॉल रायपुर: 93 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला: 100 करोड़ रुपये (150 स्कूल)।
- एजुकेशन सिटी: अबूझमाड़ और जगरगुंडा के लिए 100 करोड़ रुपये।
- छात्र प्रोत्साहन: एनसीसी विद्यार्थियों के स्वल्पाहार की राशि को दोगुना किया गया।
बजट प्रावधानों के बाद अब लोक निर्माण विभाग (PWD) और शिक्षा विभाग जल्द ही नए स्कूल भवनों के टेंडर जारी करेंगे। रायपुर में यूनिटी मॉल के लिए जमीन का चिन्हांकन और डिजाइन फाइनल करने की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है।


