टीआरपी डेस्क। भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया है। राजस्थान के जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से उन्होंने स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरी। वे इस घातक युद्धक हेलिकॉप्टर में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

कॉकपिट से सैल्यूट और रेडियो संदेश

सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुँचने के बाद राष्ट्रपति को ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ ने हेलिकॉप्टर की खूबियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद 10:15 बजे उन्होंने उड़ान भरी। 25 मिनट की इस उड़ान के दौरान उन्होंने जैसलमेर के प्रसिद्ध सोनार दुर्ग के ऊपर से देश को रेडियो संदेश दिया।

राष्ट्रपति ने रेडियो पर कहा, “मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। यह हेलिकॉप्टर हमारी आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है।”

सुखोई और राफेल के बाद अब ‘प्रचंड’

राष्ट्रपति मुर्मू का रक्षा विमानों के प्रति लगाव पहले भी दिखा है। वे इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKI और राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं। प्रचंड में उड़ान भरकर उन्होंने साबित कर दिया कि भारत अब रक्षा तकनीक के मामले में किसी पर निर्भर नहीं है।

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शाम को पोकरण में दिखेगा ‘वायु शक्ति-2026’ का दम

राष्ट्रपति की यह उड़ान एक बड़े युद्धाभ्यास की प्रस्तावना है। आज शाम पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा अभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में भी राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। पाकिस्तान बॉर्डर के पास होने वाले इस युद्धाभ्यास में वायुसेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी।

‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर की खासियतें

स्वदेशी तकनीक: इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है।

ऊंचाई पर सक्षम: यह दुनिया का एकमात्र अटैक हेलिकॉप्टर है जो 5,000 मीटर की ऊंचाई पर लैंड और टेक-ऑफ कर सकता है।

हथियार: यह 20mm की गन, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और रॉकेट से लैस है।