टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश की राजनीति में शनिवार को उस वक्त हलचल और तेज हो गई जब रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) की तीन दिवसीय कार्रवाई समाप्त हुई। लगभग 72 घंटे तक चली इस सघन तलाशी के बाद आयकर टीम भारी मात्रा में दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, नकदी और आभूषणों का विवरण लेकर रवाना हुई है।

बलिया से लखनऊ तक छापेमारी का जाल

आयकर विभाग ने रसड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के कई जिलों में एक साथ दबिश दी थी। जांच का मुख्य केंद्र विधायक का पैतृक गांव खनवर स्थित आवास, छितौनी का होटल स्काई और उनसे जुड़ी निर्माण इकाइयां रहीं। सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) से संबंधित टेंडर फाइलें और वित्तीय लेनदेन की डायरियां जब्त की गई हैं।

करोड़ों की नकदी और आभूषणों का खुलासा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी के दौरान कथित तौर पर गुप्त अलमारियों से 9 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और करोड़ों के जेवरात बरामद हुए हैं। नकदी गिनने के लिए बैंक से मशीनें मंगानी पड़ीं और कुछ रकम स्थानीय बैंकों में जमा कराई गई है। वाराणसी और अन्य शहरों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की भी सूचना है।

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CAG रिपोर्ट और अवैध खनन का कनेक्शन

इस पूरी कार्रवाई की जड़ में अगस्त 2025 की कैग (CAG) रिपोर्ट बताई जा रही है। रिपोर्ट में विधायक से जुड़ी एक कंपनी पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन के आरोप लगाए गए थे। जांच एजेंसियां अब यह देख रही हैं कि कथित अनियमितताओं से अर्जित धन का निवेश किन-किन संपत्तियों या बेनामी कारोबारों में किया गया है।